Krishna Janmashtami 2020 : छोटी काशी में छाया कान्हा के जन्म का उल्लास, मध्यरात्रि में प्रगटेंगे नंदलाला

कोरोना ने बदला इतिहास: कृष्ण जन्मोत्सव में पहली बार ऑनलाइन हाजिरी लगाएंगे भक्त

मंदिरों में भक्तों का प्रवेश रहेगा निषेध

By: SAVITA VYAS

Updated: 12 Aug 2020, 02:42 PM IST

Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

जयपुर

जयपुर शहर की स्थापना के बाद पहली बार कृष्ण जन्माष्टमी पर्व के मौके पर छोटीकाशी में भक्त अपने आराध्य गोविंददेवजी के दर्शन नहीं कर पाएंगे। कोरोना काल में मंदिर परिसर में न तो खचाखच भक्तों से भरा पांडाल होगा और न ही मंदिर परिसर के बाहर मेले सा नजारा।

पहली बार भक्त कृष्ण जन्मोत्सव में ऑनलाइन हाजिरी लगाएंगे। कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बुधवार को सर्वार्थसिद्धि योग सहित विशेष संयोगों में मनाया जाएगा। कोरोना के चलते मंदिरों में होने वाले कार्यक्रमों में भक्तों का प्रवेश पूर्णतया निषेध रहेगा।

सभी कार्यक्रम महंत, सेवकों और पुजारियों की मौजदूगी में होंगे। मंदिर प्रबंधन ने भक्तों के लिए ऑनलाइन वेबसाइट सहित अन्य माध्यमों से दर्शन की व्यवस्था की है। घरों से ही भक्त व्रत रखकर ऑनलाइन दर्शन कर संकीर्तन सहित अन्य कार्यक्रम का हिस्सा बन सकेंगे।


यह रहेंगे योग

ज्योतिषाचार्य पंडित दामोदर प्रसाद शर्मा ने बताया कि द्वापर युग में भगवान कृष्ण का जन्म अर्धव्यापनि रात्रि अष्टमी बुधवार, रोहिणी नक्षत्र और वृष राशि के चंद्रमा में हुआ था। इस बार बुधवार का संयोग रहेगा। परंतु रोहिणी नक्षत्र का संयोग इस बार नहीं होगा। स्मार्त जन एक दिन पहले मंगलवार को जबकि वैष्णव जन बुधवार को पर्व मनाएंगे।

ज्योतिषाचार्य पं.पुरुषोत्तम गौड़ ने बताया कि दिनभर सवार्थसिद्धि योग रहेगा। यह योग पर्व की शुभता को और अधिक महत्व देगा। इस बार अष्टमी तिथि का प्रारंभ मंगलवार सुबह 9.07 बजे से अगले दिन बुधवार सुबह 11.17 बजे तक रहेगा। वहीं कृतिका नक्षत्र मध्य रात्रि बाद 3.36 बजे तक रहेगा।

खुद मंदिर प्रबंधन ने तैयार करवाई पोशाक

बीते कई साल से गोविंद देव जी मंदिर प्रबंधन उत्सव के लिए पोशाक कारीगरों से तैयार करवा रहा है। परंतु इस बार मंदिर प्रबंधन ने भगवान की पोशाक कोरोना के चलते मंदिर खुद परिसर में बनवाई है। प्रबंधक मानस गोस्वामी ने बताया कि ठाकुर जी पीले रंग की पोशाक धारण करेंगे। मंगला झांकी के बाद ठाकुर जी का पंचामृत अभिषेक होगा। विशेष माला धारण करवाई जाएगी। रात 12 बजे जन्म दर्शन, तिथि पूजन व सालिगराम पूजन सहित अभिषेक होगा। खीर, पंजीरीए लड्डू का भोग लगाया जाएगा। इसके साथ ही 31 हवाई गर्जनाएं होगी। अगले दिन नंदोत्सव के बाद निकलने वाली शोभायात्रा नहीं निकाली जाएगी।

वृंदावन में तैयार हुई पोशाक

जगतपुरा कृष्ण बलराम मंदिर में वर्चुअल कार्यक्रम खास होगा। भगवान का अभिषेक, शृंगार, भजन संध्या सहित अन्य बच्चों की प्रतियोगिताएं ऑनलाइन होगी। सिद्धस्वरूपदास ने बताया कि ठाकुर जी की रेशम की पोशाक दस कारीगर वृंदावन में तैयार की हैं। अध्यक्ष चंचला पति दास ने बताया कि सभी भक्त मंदिर के यूट्यूब चैनल सहित अन्य माध्यमों से जुड़कर रात 10 बजे घर बैठे कृष्ण-बलराम के दर्शन कर सकेंगे। रात 12 बजे महाआरती होगी। हरे कृष्णा मूवमेंट के उपाध्यक्ष सुव्यक्तसिंह ने बताया कि शृंगार के लिए बेंगलुरू से फू ल मंगवाए हैं। सभी कार्यक्रमों को ऑनलाइन साझा किया जाएगा। 108 पकवानों की झांकी सजाई जाएगी।

मानसरोवर धौलाई स्थित गिरिधारी दाऊजी इस्कॉन मंदिर में ऑनलाइन वर्चुअल कार्यक्रम खास होगा। वृंदावन से जन्माष्टमी सहित आगामी उत्सव के लिए रत्न जडि़त पोशाक की कीमत लगभग तीन लाख से अधिक रुपए की है। विदेशी भक्त जो जयपुर हैं, वह भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। प्रवक्ता जनार्दन जितेंद्रीय दास ने बताया कि रात 10 बजे से अभिषेक शुरू होगा। पूरा उत्सव भक्त ऑनलाइन देख सकेंगे।

वैशालीनगर स्थित स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर में कोरोना के चलते जन्माष्टमी उत्सव सार्वजनिक रूप से नहीं मनाया जाएगा। मंदिर प्रबंधन ने भक्तों से घरों से उपवास रखकरए भजन कीर्तन ए वीडियो दर्शन की अपील की। जन्मोत्सव की मुख्य आरती का प्रसारण बुधवार रात 10 बजे से किया जाएगा। इस दौरान मंदिर में कार्यक्रम सेवकों के सान्निध्य में आयोजित होगा। भक्तों की आवाजाही निषेध रहेगी।

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