चुनावी बयार में 'ये' भी तैयार, बस टिकट का इंतजार

राजधानी में भूमाफिया ने बढ़ाए सियासत की ओर कदम, निकाय चुनाव में जता रहे उम्मीदवारी, बीस से अधिक टिकट की जुगत में

By: Amit Pareek

Published: 16 Oct 2020, 09:38 PM IST

जयपुर. सरकारी जमीनों पर कब्जे, इकॉलॉजिकल जोन में अवैध निर्माण और अब निकाय चुनाव में दावेदारी। दूसरे शब्दों में भूमाफिया अब राजनीति की पहली सीढ़ी चढऩे को तैयार हैं। निकाय चुनावों में ऐसे कई दावेदार हैं, जिन्होंने पिछले कुछ वर्षों में अवैध तरीके से न सिर्फ कॉलोनियां बसाईं, बल्कि निर्माण के दौरान सरकारी जमीनों को भी नहीं छोड़ा। बहाव क्षेत्र में भी कब्जा कर कॉलोनियां बसा दीं। शहर में ऐसे गैरकानूनी काम प्रायः आगरा रोड और दिल्ली रोड (जेडीए का जोन-10) पर ही नजर आए। अब निकाय चुनाव देख कुछ सीधे तौर पर टिकट मांग रहे हैं तो कुछेक परिजनों के नाम पर टिकट के लिए कतार में हैं। जानकारी की अनुसार नेताओं की ओर से भी इनमें से कई को मौन स्वीकृति चुकी है। उधर,जेेडीए का कहना है कि यहां सर्वाधिक सरकारी जमीन हैं। इकॉलॉजिकल जोन भी शहर में सर्वाधिक इन्हीं इलाकों में हैं। ये सभी इलाके हवामहल विस क्षेत्र, आमेर विस क्षेत्र और आदर्श नगर विस क्षेत्र में आते हैं।

साम,दाम,दंड,भेद सब अपनाए
बताया जा रहा है कि 'ये' लोग एक वर्ष से टिकट के लिए मशक्कत कर रहे हैं। इसके लिए साम,दाम,दंड,भेद सब कुछ अपना रहे हैं। विधायक का जन्मदिन हो या फिर कोई खास मौका। बधाई देने और माननीय का फोटो लगाने में जरा भी नहीं चूके। माननीयों के प्रचार प्रसार में भी इसी उम्मीद से पैसा लुटाया कि टिकट मिलेगा और जीतने के बाद राजनीति में एंट्री हो जाएगी।

डंडा चला मगर दिखावे के लिए
जानकारी के मुताबिक इन लोगों ने अवैध निर्माण से लेकर सरकारी जमीनों पर कब्जे किए। बैक डेट में सोसाइटियों के साथ मिलकर पट्टे काटे और चांदी कूटी। जेडीए में लोगों ने जब शिकायतें की तो कार्रवाई भी हुई। लेकिन ये कार्रवाई नाममात्र की ज्यादा दिखाई दी। चूंकि कार्रवाई सख्ती से होती तो निर्माण पूरे नहीं हो पाते। इकॉलॉजिकल जोन में निर्माण नहीं हो पाते।

इसलिए चाहिए शहरी सरकार टिकट
- पूर्व पार्षद, पार्षद पतियों के नाम भी अतिक्रमण और अवैध निर्माण में सामने आते रहे हैं।
- पार्षद बनने के बाद किसी बड़े की सरपरस्ती मिल जाएगी तो कार्रवाई का डर स्वतः खत्म हो जाएगा।

फैक्ट फाइल
- 30 से अधिक बड़ी कार्रवाई जेडीए ने की हैं जोन 10 में पिछले एक वर्ष में।
- 50 से अधिक बड़े निर्माण अभी भी चल रहे इकॉलॉजिकल जोन में।
- 06 महीने से जेडीए तो सुस्त रहा, अवैध निर्माण जारी रहे।

Amit Pareek Desk
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