जब्त वाहनों को सुपुर्दगी पर छोड़ने का वकीलों ने किया विरोध

कहा लॉकडाउन के बाद वाहन छोड़ने की शुरू हो प्रक्रिया

By: KAMLESH AGARWAL

Updated: 18 Apr 2020, 10:38 PM IST

जयपुर।

लॉकडाउन के दौरान जब्त वाहनों को सुपुर्दगी पर छोड़ने के लिए तीन न्यायालय में काम शुरू करने का वकीलों ने विरोध किया है। वकीलों ने कहा कि इसकी वजह से न्यायालय में भीड़ जमा होगी और न्यायालय परिसर कोरोना संक्रमण का केंद्र बन सकता है। ऐसे में लॉकडाउन खुलने के बाद ही जब्त वाहनों को छोड़ने की कार्रवाई होनी चाहिए। इस संबंध में बार एसोसिएशन ने मुख्य न्यायाधीश के नाम ज्ञापन भी दिया है।

वाहनों को सुपुर्दगी पर छोड़ने का आवश्यक मामलों की श्रेणी में रखा गया था। इसी वजह से अब तक इस संबंध में प्रार्थना पत्र एसीजेएम न्यायालय जयपुर महानगर कर रही थी। जहां पर इस तरह के मामले बढ़ने पर शनिवार से महानगर मजिस्ट्रेट न्यायालय संख्या 27 से 29 को शुरू करने का फैसला किया गया। वकीलों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि लॉकडाउन में जब्त वाहनों को इस समय नहीं छोड़ा जाना चाहिए। एक वाहन को छुड़वाने के लिए वकील सहित तीन लोग न्यायालय पहुंचेगें। जिसकी वजह से सोश्यल डिस्टेंसिंग सहित अन्य मापदंड पूरा करना संभव नहीं होगा। गौरतलब है कि जयपुर में ही करीबन 11275 वाहन विभिन्न थानों में जब्त है।


इनका कहना है

सुपुर्दगी पर एक वाहन छोड़ने की प्रक्रिया में तीन लोगों की आवश्यकता होती है और लॉकडाउन में पकड़े गए वाहनों को छोड़ना अति आवश्यक मामला नहीं हो सकता है।

गजराज सिंह, महासचिव, द डिस्ट्रिक्ट एडवोकेट बार एसोसिएशन,जयपुर

अभी तक बहुत जरूरी सेवाओं के वाहन को एसीजेएम कोर्ट सुपुर्दगी पर छोड़ने के प्रार्थना पत्र ले रही थी। लेकिन अब तीन इस काम को करेंगे सारे लोग अपने वाहन छुड़वाने कोर्ट आने शुरू हो जाएंगे। इस मामले पर मुख्य न्यायाधीश से भी मिलेंगे ताकि फिलहाल ऐसा नहीं हो।

सतीशकुमार शर्मा, महासचिव, द बार एसोसिएशन,जयपुर

KAMLESH AGARWAL Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned