आरटीओ से रजिस्टर्ड ड्राइविंग स्कूल से ही बनवाएं लाइसेंस, नहीं तो आरटीओ उसे बता देगा फर्जी

रोजाना फर्जी लाइसेंस के आ रहे हैं 5-6 केस

By: Avinash Bakolia

Updated: 10 Mar 2019, 12:34 PM IST

जयपुर. यदि आप किसी ड्राइविंग स्कूलों के माध्यम से लर्निंग लाइसेंस बनवा रहे हैं, तो पहले यह देख लें कि स्कूल का आरटीओ से रजिस्ट्रेशन है या नहीं। कहीं ऐसा न हो कि लर्निंग लाइसेंस मिलने के एक महीने बाद जब स्थायी लाइसेंस बनवाने आरटीओ पहुंचे तो लाइसेंस को फर्जी बता दिया जाए। कुछ ऐसे ही मामले आरटीओ कार्यालय में रोजाना आ रहे हैं। शहर में अवैध ड्राइविंग स्कूल धड़ल्ले से खुल रहे हैं। बावजूद इसके आरटीओ ने अमान्य ड्राइविंग स्कूलों के सॉफ्टवेयर लॉक नहीं किए। यही वजह है कि ये स्कूल ड्राइविंग सीखने वाले लोगों के बेरोकटोक लर्निंग लाइसेंस जारी कर रहे हैं। जब लोग स्थायी लाइसेंस बनवाने आरटीओ पहुंच रहे हैं, तो वहां लर्निंग लाइसेंस को फर्जी बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार आरटीओ में रोजाना 5-6 मामले आ रहे हैं। लोग स्थायी लाइसेंस बनवाने आरटीओ पहुंच रहे हैं और उनके आवेदन अस्वीकार किए जा रहे हैं। पिछले दिनों में ऐसे कई लोग वापस ड्राइविंग स्कूलों के पास पहुंचे लेकिन हल नहीं निकला। इससे जाहिर कि ड्राइविंग स्कूलों पर आरटीओ की की निगरानी नहीं है।

केस-1
आमेर निवासी विक्कीकुमार मीणा ने ड्राइविंग स्कूल के जरिए लर्निंग लाइसेंस बनवाया। बाद में जगतपुरा कार्यालय में स्थाई लाइसेंस के लिए आवेदन किया तो संबंधित कार्मिक ने उसके लर्निंग लाइसेंस पर लिख दिया, ड्राइविंग स्कूल सस्पेंड है।

केस-2
चाकसू निवासी रामफूल गुर्जर को ड्राइविंग स्कूल ने लर्निंग लाइसेंस तैयार कर दिया लेकिन आरटीओ कार्यालय ने उसे फर्जी बता दिया। वहां पर रामफूल से कहा गया
कि उक्त ड्राइविंग स्कूल सस्पेंड हो चुका है।

कई शिकायतें आई हैं। लोगों की परेशानी के मद्देनजर जगतपुरा आरटीओ कार्यालय में को कहा है कि ऐसा मामला आए तो लाइसेंस बना दें। ऐसे ड्राइविंग स्कूलों पर कार्रवाई कर रहे हैं।
राजेन्द्र वर्मा, आरटीओ, जयपुर

Avinash Bakolia Reporting
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