पूनियां की लेटर पॉलिटिक्स, सीएम को एक दिन में दो पत्र लिखकर रखी ये मांगें

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां ने इन दिनों लैटर पॉलिटिक्स शुरू कर रखी है। जनता या संगठनों से मिलने वाली डिमांड्स को पूनियां पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तक पहुंचा रहे हैं। पूनियां ने गुरुवार को भी सीएम को अलग-अलग मांगों के लिए दो पत्र लिखे हैं।

By: Umesh Sharma

Published: 20 May 2021, 04:52 PM IST

जयपुर।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां ने इन दिनों लैटर पॉलिटिक्स शुरू कर रखी है। जनता या संगठनों से मिलने वाली डिमांड्स को पूनियां पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तक पहुंचा रहे हैं। पूनियां ने गुरुवार को भी सीएम को अलग-अलग मांगों के लिए दो पत्र लिखे हैं। एक पत्र में पूनियां ने कोरोना की वजह से अनाथ और बेसहारा लोगों को शिक्षा, चिकित्सा, राशन और आर्थिक सहायता उपलब्धकराने की मांग की है। वहीं दूसरे पत्र में हाथी पालकों को भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

पूनियां ने पत्र में लिखा है कि कोरोना की वजह से प्रदेश में कई परिवारों के एकमात्र कमाने वालों की मौत हुई है, वहीं कई बालक-बालिकाओं ने भी बीते दिनों अपने माता-पिता को खो दिया है, जिसके कारण उनके समक्ष जीवनयापन का विकट संकट खड़ा हो गया है। कई बुजुर्गों ने जवान बच्चों को खो दिया है, अब उनका घर चलाने वाला कोई नहीं है, इस घातक संक्रमण ने कई बुजुर्ग लोगों के बुढ़ापे के सहारे को छीन लिया है। इसलिए सरकार इन लोगों को सहायता देकर राहत पहुंचाए।

हाथी पालकों के समक्ष आजीविका का संकट

पूनियां ने दूसरे पत्र में कहा कि कोरोना की वजह से कई पाबंदियां लगी हुई है। इनमें आमेर में हाथी सवारी को भी बंद रखा गया है, इससे हाथी पालकों के समक्ष आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया है। हाथी के खान-पान, दवाइयों, रख-रखाव व हाथी पालकों के गुजर-बसर के लिए प्रति मादा हाथी पर प्रतिदिन तीन हजार रुपये का खर्चा आता है और तकरीबन 13 माह से बंद हाथी सवारी से हाथी पालकों की आर्थिक स्थिति अत्यन्त दयनीय हो गई है। इसलिए सरकार हाथी पालकों की समस्या का समाधान करे।

COVID-19
Umesh Sharma Reporting
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