पुस्तकालयाध्यक्ष और जेइएन भर्ती परीक्षा रद्द करने की मांग


शहीद स्मारक पर जुटे बेरोजगार युवा
परीक्षाओं के पेपर लीक होने का आरोप
कहा, जब तक परीक्षा रद्द नहीं, युवा देंगे धरना

By: Rakhi Hajela

Published: 24 Dec 2020, 04:36 PM IST


पुस्तकालयाध्यक्ष भर्ती परीक्षा और जेइएन भर्ती परीक्षा को रद्द किए जाने की मांग को लेकर एक बार फिर बेरोजगार युवाओं ने धरना दिया। बड़ी संख्या में बेरोजगार युवा शहीद स्मारक पर जुटे और इन दोनों परीक्षाओं को रद्द किए जाने की मांग की। युवाओं का कहना था कि कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से करवाई जा रही भर्ती परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक होने के मामले सामने आ रहे हैं लेकिन बोर्ड आनन फानन में परीक्षा का आयोजन करवा रहा है। पेपर लीक करने वालों पर कार्यवाही नहीं की जा रही।
यह है पुस्तकालयाध्यक्ष भर्ती का मामला
कोविड काल के बीच राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से 29 दिसंबर 2019 को इस परीक्षा का आयोजन करवाया गया था लेकिन उसी दिन पुलिस ने पेपर लीक करने वाले गिरोह के छह लोगों को गिरफ्तार किया लेकिन मास्टर माइंड आज तक फरार है। ऐसे में परीक्षा को निरस्त कर 19 सितंबर 2020 को परीक्षा करवाई गई। इस दौरान विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर नकल के मामले सामने आए। कुछ लोगों को पुलिस ने इस संबंध में गिरफ्तार भी किया। परीक्षा के परिणाम में एक ही सीरीज में परीक्षार्थी चयनित हुए, नेगेटिव मार्र्किंग के बाद भी मेरिट हाई गई। इसके बाद चयन बोर्ड ने आनन फानन में 11 नवंबर 2020 को परीक्षा का परिणाम भी जारी कर दिया साथ ही उसी दिन दस्तावेज सत्यापनके लिए नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया। युवा बेरोजगार अभ्यार्थियों का कहना है कि उन्होंने बोर्ड में सूचना के अधिकार के तहत परीक्षा संबंधी जानकारी मांगी थी लेकिन आज तक बोर्ड ने उसका जवाब तक नहीं दिया। युवाओं ने मांग की कि पेपर लीक गिरोह पर कड़ी कार्यवाही की जाए साथ ही बोर्ड में कार्यरत दोषी कार्मिकों के खिलाफ सख्त कार्यवाही हो। उन्होंने परीक्षा निरस्त करवाए जाने की भी मांग की। इन युवाओं का कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती वह धरना पर बैठे रहेंगे।

अब तक उलझा है जेईएन भर्ती परीक्षा का प्रकरण
पुस्तकालयाध्यक्ष भर्ती परीक्षा की तरह ही जेईएन भर्ती परीक्षा के अभ्यार्थियों ने 6 दिसंबर को हुई भर्ती परीक्षा में पेपर लीक होने का आरोप लगाते हुए सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग की। उनका कहना था कि अभ्यार्थियों ने इस परीक्षा को लेकर जो सबूत जुटाए हैं और उन्हें दिए हैं इससे साफ पता चलता है कि पेपर परीक्षा से पहले ही सोशल मीडिया पर आ चुका था। पुलिस ने भरतपुर में इसे लेकर कुछ लोगों को गिरफ्त में भी लिया लेकिन इसके बाद भी कर्मचारी चयन बोर्ड ने परीक्षा निरस्त करने के स्थान पर आनन फानन में परीक्षा आयोजित करवा दी। इससे सैकड़ों अभ्यार्थियों का भविष्य अंधकार में है। उन्होंने कहा कि जब तक उनके साथ न्याय नहीं होगा वह खुद धरने पर रहेंगे। गौरतलब है कि इस मुद्दे को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने भी धरना दिया था।

Rakhi Hajela Desk
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