नए रास्तों को चुनना होगा

चीजें योजना के अनुसार नहीं हुईं तो उदास होने की बजाय आगे कदम बढ़ाएं।

By: Kiran Kaur

Published: 03 Apr 2021, 12:24 PM IST

हम सभी अपने जीवन में कुछ न कुछ प्लानिंग करते रहते हैं। कभी हर काम योजना के अनुसार हो जाता है तो कभी अंतिम क्षण मेंं आपके हाथ असफलता लगती है। लेकिन इसका यह अर्थ नहीं कि आप हार मानकर उदास हो जाएं और स्वयं को किसी कमरे में कैद कर लें। सबसे पहले वर्तमान को स्वीकार करें। स्थिति को किसी समीक्षक की तरह देखें। इससे आपको अपने तनाव और एंजाइटी को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही आप भविष्य की ओर कदम बढ़ा पाएंगे।
लक्ष्यों के लिए फिर से योजना बनाएं : कोगनिटिव रिफ्रेमिंग एक ऐसी तकनीक है, जो हमें किसी विशेष परिस्थिति को अलग नजरिए से देखने की क्षमता प्रदान करती है। इससे आपको जो भी परिणाम मिले होते हैं, आप उनका मूल्यांकन करते हैं और यह पता लगाने की कोशिश करते हैं कि आखिर कमी कहां रह गई। सोच को बदलकर आप किसी चुनौती को अवसर में परिवर्तित कर सकते हैं।
जीवन आश्चर्य से भरा: जीवन आश्चर्य से भरा है। हम नहीं जानते कि अगले पल क्या होने वाला है। हो सकता है कि इस लक्ष्य के बाद आपको कोई बड़ी सफलता मिल जाए, इसलिए अपनी असफलता को सीख की तरह लें।
क्षमता देखें: स्वीकार करें कि आप हर चीज नहीं कर सकते। जो आपकी क्षमता में नहीं है, उसके लिए स्वयं को दोष न दें। इससे जीवन में निगेटिविटी बढ़ेगी और आप तनावग्रस्त रहने लगेेंगे।
अगले कदम के बारे में सोचें : जो हुआ, वह बीत गया। अब आगे की ओर देखें। अपने अगले कदम के बारे में सोचें। हर पल असफल महसूस न करें। नकारात्मकता के बजाय सकारात्मकता अपनाएं और उम्मीद के साथ अगले चरण की ओर बढ़ें। नया रास्ता हो सकता है कि आपके लिए मुश्किल हो लेकिन पुराने सफर के बारे में सोचते रहने से कुछ भी हासिल नहीं होने वाला।

Kiran Kaur Desk
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