लॉक डाउन में नरेगा बना तारणहार, 22 लाख श्रमिकों को मिला रोजगार

लॉक डाउन की वजह से श्रमिकों को रोजगार से हाथ धोना पड़ा है। ऐसे में नरेगा लोगों के लिए तारणहार बनकर आया है। राजस्थान में अब तक 22 लाख लोगों को नरेगा योजना के तहत रोजगार मिला है।

By: rahul

Published: 10 May 2020, 07:25 PM IST

जयपुर।

लॉक डाउन की वजह से श्रमिकों को रोजगार से हाथ धोना पड़ा है। ऐसे में नरेगा लोगों के लिए तारणहार बनकर आया है। राजस्थान में अब तक 22 लाख लोगों को नरेगा योजना के तहत रोजगार मिला है।

उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि वर्तमान परिस्थिति में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार प्रदान करने के लिए मनरेगा की उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए अधिकाधिक कार्य प्रारम्भ कर श्रमिकों के नियोजन पर जोर दिया गया। इसी का परिणाम है कि लॉकडाउन के कारण जहां 17 अप्रेल तक मात्र 62 हजार श्रमिक नियोजित हुए थे, वहीं आज श्रमिक नियोजन 22 लाख से भी अधिक हो गया है।

उन्होंने बताया कि मनरेगा के तहत सबसे अधिक भीलवाड़ा में 2.27 लाख तथा डूंगरपुर में 1.93 लाख से अधिक श्रमिक नियोजित हुए हैं। मनरेगा के तहत काम मांगने के लिए लोगों को जागरुक किया जा रहा है तथा प्रपत्र-6 भराकर जॉब कार्ड जारी किए जा रहे हैं, जिससे श्रमिकों के नियोजन के अधिकतम लक्ष्य को हासिल किया जा सके। पायलट ने बताया कि मनरेगा योजना के तहत स्वीकृत व्यक्तिगत लाभ के कार्यों जैसे खेतों पर मेड़बंदी, खेतों का समतलीकरण, केटलशेट निर्माण आदि को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे सोशल डिस्टेंसिंग की भी पालना हो सके तथा श्रमिकों को व्यक्तिगत कार्य पूर्ण होने से लाभ भी मिल सके।

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