Lockdown 4.0 : कोरोना-बेमौसम बारिश, फिर भी बंपर गेहूं

Lockdown 4.0 : पश्मिची विक्षोभ के कारण बारबार मौसमी बदलाव और कोरोना महामारी के प्रकोप के चलते फसल की कटाई और उसके बाद के हालात की चिंताओं के बावजूद भारत इस साल गेहूं के उत्पादन में नया कीर्तिमान स्थापित करने जा रहा है। कृषि वैज्ञानिक इसे देश में कृषि प्रौद्योगिकी के सतत विकास का सकारात्मक नतीजा मानते हैं।

By: hanuman galwa

Published: 23 May 2020, 06:55 PM IST

कोरोना-बेमौसम बारिश, फिर भी बंपर गेहूं
देश में गेहूं का रिकॉर्ड उत्पादन, किसानों के चेहरे पर मुस्कान

जयपुर। पश्मिची विक्षोभ के कारण बारबार मौसमी बदलाव और कोरोना महामारी के प्रकोप के चलते फसल की कटाई और उसके बाद के हालात की चिंताओं के बावजूद भारत इस साल गेहूं के उत्पादन में नया कीर्तिमान स्थापित करने जा रहा है। कृषि वैज्ञानिक इसे देश में कृषि प्रौद्योगिकी के सतत विकास का सकारात्मक नतीजा मानते हैं।
भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान (आईआईडब्ल्यूबीआर) करनाल के निदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह कहते हैं कि अधिक पैदावार देने वाले और मौसमी कहर को सहन करने की प्रतिरोधक क्षमता वाले उन्नत नस्ल के बीजों और कृषि प्राद्योगिकी के विकास का लाभ किसानों तक पहुंचाने का ही परिणाम है कि भारत गेहूं के साथ ही कुल खाद्यान्नों के उत्पादन में भी नया रिकॉर्ड बना रहा है।
खाद्यान्न उत्पादन का नया रिकॉर्ड
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के फसल वर्ष 2020-21 के जुलाई-जून के तीसरे अग्रिम उत्पादन अनुमान के अनुसार देश में इस साल गेहूं का रिकॉर्ड 10.71 करोड़ टन उत्पादन होने की उम्मीद है। कुल तमाम खाद्यान्नों का कुल उत्पादन 29.56 करोड़ टन होने का अनुमान है, जोकि एक नया रिकॉर्ड है। आईआईडब्ल्यूबीआर के निदेशक का अनुमान है कि चौथे अग्रिम उत्पादन अनुमान में गेहूं के उत्पादन में इजाफा होगा और यह 10.80 करोड़ टन तक हो सकता है। उन्होंने कहा कि फसल के तैयार होने के आखिरी दौर में पश्चिमी विक्षोभ के चलते बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि से कुछ जगहों पर गेहूं की फसल को थोड़ा नुकसान हो गया, अन्यथा उत्पादन इस साल 11 करोड़ टन को पार कर जाता।
कोरोना संक्रमण से दिक्कतें
कोरोना वायरस संक्रण पर लगाम लगाने के लिए 25 मार्च को जब देशभर में संपूर्ण लॉकडाउन किया गया था, तो रबी सीजन की सबसे प्रमुख फसल गेहूं की कटाई को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई थी, क्योंकि लॉकडाउन के बाद देश के प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों में मजदूरों का संकट पैदा हो गया था, हालांकि सरकार ने रबी फसलों की कटाई, बुवाई, परिवहन व विपणन समेत तमाम कार्यो को लॉकडाउन के दौरान जारी रखने की छूट दे दी थी। कोरोना काल की विषम परिस्थितियों के बावजूद अन्य रबी फसलों के साथ-साथ गेहूं की कटाई समय से संपन्न हो गई है। सरकारी खरीद भी पूरे देश में करीब 334 लाख टन हो चुकी है जोकि कुल उत्पादन के एक तिहाई से थोड़ा ही कम है।

hanuman galwa Desk
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