जयपुर वाले अकेले नहीं 50 देशों के लोग झेल रहे लॉकडाउन

देश में तेजी से कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों पर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। हालांकि राजस्थान में पहले ही 31 मार्च तक लॉकडाउन की घोषणा राज्य सरकार कर चुकी है। इसके बाद देश के 15 और राज्यों ने लॉकडाउन किया। अब देशभर में 21 दिनों का लॉकडाउन घोषित कर दिया है तो लोग डर में है। लेकिन यहां यह समझने की जरूरत है कि इस संक्रमण की कड़ी को तोड़ने के लिए ये दिन हर एक जिंदगी के लिए अहम हैं

JAIPUR देश में तेजी से कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों पर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। हालांकि राजस्थान में पहले ही 31 मार्च तक लॉकडाउन की घोषणा राज्य सरकार कर चुकी है। इसके बाद देश के 15 और राज्यों ने लॉकडाउन किया। अब देशभर में 21 दिनों का लॉकडाउन घोषित कर दिया है तो लोग डर में है। लेकिन यहां यह समझने की जरूरत है कि इस संक्रमण की कड़ी को तोड़ने के लिए ये दिन हर एक जिंदगी के लिए अहम हैं। इसी से देश और दुनिया का भविष्य भी जुड़ा है। इस वायरस से सिर्फ सोशल डिस्टेंसिंग से ही निपटा जा सकता है, यह बात हर नागरिक को जिम्मेदारी के साथ समझनी होगी। कोरोना वायरस की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अकेला भारत ही नहीं, दुनिया के भारत समेत कुल 50 देश इस समय लॉकडाउन से गुजर रहे हैं। इनमें सभी 35 में अनिवार्य लॉकडाउन है, यानी गांव—कस्बों तक से लोगों की आवाजाही बंद है। वे पुलिस की कड़ी निगरानी में आम लोग घरों में बंद हैं। इस अनिवार्य लॉकडाउन के कारण करीब 230 करोड़ से ज्यादा लोग घरों में कैद हो चुके हैं। इनमें भी सबसे बड़ी तादाद भारतीयों की है, जहां अकेले भारत में 130 करोड़ लोग घरों में कैद हैं।
इन देशों में सबसे ज्यादा आबादी वाला देश भारत है। इसके साथ ही यूरोपिय देश फ्रांस, इटली, इंग्लैंड, अर्जेंटीना, मध्य एशिया में इराक, ग्रीस, रवांडा, अमेरिका, कोलंबिया, न्यूजीलैंड, कैलिफोर्निया, सउदी अरब, श्रीलंका सहित इन देशों में लोगों के घरों से निकलने पर पाबंदी है। इन सभी देशों में बाहर निकलने वालों पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
इससे पहले भारत में ऐपिडेमिक डिजीज 1897 के एक्ट 2 को देश में लागू किया जा चुका है। जिसके तहत इस महामारी से निपटने के लिए राज्य सरकारें आम लोगों पर पाबंदियां लगा सकती हैं। साथ ही सरकारी आदेशों की पालना न करने वालों पर कार्रवाई भी की जा सकती है। फिलहाल देश में सभी राज्यों की सीमाएं सील की जा चुकी हैं। यहां राजस्थान की बात करें तो लोग घरों में कैद हैं। जरूरी सामान की दुकानें, जो सरकारी आदेश पर खोली जानी थी, वो भी बंद हैं। कई इलाकों में तो मेडिकल स्टोर तक बंद हैं।
हालांकि सरकारी आदेश के मुताबिक इस लॉकडाउन के दौरान बैंक, एटीएम, बीमा कार्यालय,दूरसंचार सेवा, पुलिस, दमकल, स्वास्थ्य सेवाएं जैसे अस्पताल, डिस्पेंसरी, क्लीनिक, नर्सिंग होम, मेडिकल स्टोर, पेट्रोल, सीएनजी, एलपीजी सेवाएं, जनवितरण, खाद्य, किराना दुकानें, फल, सब्जियां, डेयरी, पशु चारे की दुकानें, बिजली-पानी और अन्य आवश्यक सेवाएं जारी रहेंगी।
वहीं देशभर में 14 अप्रेल तक सभी रेल सेवाएं, हवाई सेवाएं, सड़क परिवहन की सेवाएं स्थगित रहेंगी।

Tasneem Khan Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned