Lok Sabh Election 2019 : ग्राफिक्स से समझें जनसंख्या और प्रतिनिधित्व का फॉर्मूला

.....तो राजस्थान में 25 की जगह 31 होती लोकसभा सीटें, ग्राफिक्स से समझें फॉर्मूला

By: anandi lal

Published: 29 Mar 2019, 08:37 PM IST

जयपुर। लोकतांत्रिक व्यवस्था का सिद्धांत हर नागरिक के वोट की गणना समान होने पर टिका है। प्रत्येक वोट का मूल्य समान हो। इसी को ध्यान में रखते हुए देश की सभी लोकसभा सीटों की संख्या को जनसंख्या की दृष्टी से समान रूप से विभाजित किया गया।

सभी लोकसभा सीटों पर समान जनसंख्या, लेकिन 40 साल पहले दक्षिण भारतीय राज्यों के दबाव में लिए गए निर्णय का नुकसान उत्तर भारत के राज्यों को भुगतना पड़ रहा है।

इसका सबसे ज्यादा खामियाजा राजस्थान को उठाना पड़ रहा है। प्रत्येक सीट पर समान जनसंख्या का सिद्धांत अब तक लागू होता तो राजस्थान में 25 की जगह 31 लोकसभा सीटें होती। इससे राजस्थान से और सांसद चुनकर लोकसभा में जाते। ऐसी ही स्थिति मध्यप्रदेश की है। वर्तमान में लोकसभा सीटों की संख्या 1971 की जनसंख्या पर आधारित है। इससे हर वोट की कीमत समान नहीं रह गई है। सांसद चुनने के लिए आनुपातिक प्रतिनिधित्व के आधार पर राजस्थान के 16 वोटों की कीमत केरल के 10 वोटों के बराबर है।

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