राजस्थान की इन दो लोकसभा सीटों पर चुनाव होगा बेहद रोचक, जब आमने—सामने होंगे एक ही 'घर के रिश्ते'

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By: Nidhi Mishra Nidhi Mishra

Published: 29 Mar 2019, 03:43 PM IST

जयपुर। राजस्थान में लोकसभा चुनाव 2019 (Loksabha Elections 2019) का दंगल काफी रोचक स्थिति में है... चुनावी बिसात बिछ चुकी है... जीत के लिए तरह तरह के दांव पेंच खेले जा रहे हैं। इसी कड़ी में सामने आ रहा है कि चुनावी शतरंज की इस बाजी में अब परिवार के ही लोग आमने सामने होंगे। जी हां, ये नजारा आपको दिखाई देगा बीकानेर संसदीय (Bikaner Constituency) क्षेत्र में। वहीं इसी तरह का दृश्य नागौर लोकसभा सीट (Nagaur Constituency) पर भी दिखाई दे सकता है।

 

दरअसल बीकानेर संसदीय सीट पर मौसेरे भाईयों के बीच चुनावी मुकाबला देखने को मिलेगा। भारतीय जनता पार्टी ने केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को अपना प्रत्याशी बनाया है, वहीं कांग्रेस ने इस सीट पर मेघवाल के मौसेरे भाई मदन गोपाल मेघवाल को अपना प्रत्याशी घोषित किया है।


ऐसे है प्रत्याशियों के बीच 'घर का रिश्ता'
भाजपा के दो बार के सांसद और पूर्व आइएएस अधिकारी अर्जुनराम मेघवाल के मुकाबले में कांग्रेस ने भी ब्यूरोक्रेसी से राजनीति में आए पूर्व आइपीएस मदन गोपाल मेघवाल को प्रत्याशी बनाया है। खास बात यह है कि दोनों एक ही परिवार और प्रोफेशन से हैं। अर्जुनराम मेघवाल और मदन गोपाल मेघवाल की माताएं सगी बहनें हैं। इस नाते दोनों रिश्ते में भाई लगते हैं।


उधर, सबसे चर्चित नागौर लोकसभा सीट से कांग्रेस ने मिर्धा परिवार की डॉ ज्योति मिर्धा को टिकट दिया है। हालांकि ज्योति के टिकट को लेकर विधानसभा चुनाव के बाद से ही अटकलेें लगाई जा रही थीं, लेकिन होली से पहले जिले के कुछ विधायकों व कांग्रेस नेताओं के विरोध के बाद स्थिति बदली और प्रदेश कांग्रेस ने विधायक हनुमान बेनीवाल की पार्टी रालोपा के साथ गठबंधन के संकेत दिए। इसके चलते ज्योति मिर्धा ने पाला बदलने की तैयारी कर ली। ज्योति मिर्धा का पलड़ा भारी होने होने लगा तो कांग्रेस आलाकमान को एक बार फिर निर्णय पर विचार करते हुए दो दिन पूर्व उन्हें वापस बुलाया। उधर, अविनाश पांडे ने बुधवार को एक बयान जारी कर गठबंधन की अटकलों पर विराम लगा दिया कि राजस्थान में कांग्रेस सभी 25 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी।

 

अब रालोपा पर नजर
पिछले चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार ज्योति मिर्धा का खेल बिगाड़ने वाले खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल का इस बार क्या स्टैंड रहेगा, इस पर सबकी निगाहें हैं। नागौर सीट से ज्योति मिर्धा के नाम पर मुहर लगने के बाद क्या हनुमान बेनीवाल रालोपा से कोई उम्मीदवार उतारेंगे या पर्दे के पीछे रहकर कांग्रेस—भाजपा की हार—जीत के समीकरण तय करेंगे। गौरतलब है कि दो दिन पूर्व नागौर आए हनुमान बेनीवाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि रालोपा किसान और जवान की पार्टी है और लोकसभा में मजबूती से लड़ेगी।

 

रालोपा करा सकती है चाचा— भतीजी की टक्कर
नागौर सीट से कांग्रेस द्वारा ज्योति मिर्धा का नाम फाइनल होने के बाद अब रालोपा संयोजक हनुमान बेनीवाल ज्योति के विरोध में खड़े उनके चाचा व पूर्व विधायक रिछपालसिंह मिर्धा को उतार सकती है। विधानसभा चुनाव में चाचा— भतीजी के बीच दूरियां बढ़ने के बाद रिछपालसिंह की हनुमान बेनीवाल से नजदीकियां बढ़ गईं हैं। ऐसे में मिर्धा रालोपा से चुनाव मैदान में ताल ठोक सकते हैं।

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