नहीं रहे सांसद महंत चांदनाथ, फटाफट अंदाज़ में जानें अब तक के सफर और विवादों के बारे में   

nakul devarshi

Publish: Sep, 17 2017 08:42:51 AM (IST)

Jaipur, Rajasthan, India
नहीं रहे सांसद महंत चांदनाथ, फटाफट अंदाज़ में जानें अब तक के सफर और विवादों के बारे में   

अलवर सांसद महंत चांदनाथ का देर रात दिल्ली के अपोलो हास्पिटल में उपचार के दौरान निधन हो गया।

जयपुर/ अलवर .

अलवर सांसद महंत चांदनाथ का देर रात दिल्ली के अपोलो हास्पिटल में उपचार के दौरान निधन हो गया। वे लम्बे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। सांसद चांदनाथ के निधन पर अलवर जिला सहित हरियाणा के रोहतक स्थित नाथ सम्प्रदाय के आश्रम में शोक की लहर दौड़ गई।

 

यहां जानें उनके जीवन से जुडी ख़ास बातें

- महंत चांदनाथ का जन्म 21 जून 1956 को बेगमपुर, दिल्ली में हुआ था।


- दिल्ली के हिन्दू कॉलेज से बीए ऑनर्स में शिक्षा हासिल करने के बाद डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। 

 

- बाबा धार्मिक मिशनरी, शिक्षण, सामाजिक कार्यकर्ता और कृषक थे। 

 

- 18 साल की उम्र में नाथ साधु बने और हठ योग को प्रोत्साहित करते रहे। 

 

- विद्याम जन सेवानाम के लक्ष्य के साथ 50 से अधिक व्यावसायिक पाठयक्रमों के साथ निजी विश्वविद्यालय की शुरुआत की। 

 

- रोहतक, हरियाणा के मस्तनाथ विश्वविद्यालय के कुलपति रहे। 


- हिन्दुओं के नाथ समुदाय की अगुवाई की।

 

- 29 जुलाई 2016 में योगी आदित्यनाथ और बाबा रामदेव की मौजूदगी में एक समारोह में उन्होंने महंत बालकनाथ को अपना उत्तराधिकारी बनाने की घोषणा की। 

 

-  2004 में अलवर सीट से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन कांग्रेस के करण सिंह यादव से हार का सामना करना पड़ा।

 

- 2004 में राजस्थान में बहरोड़ सीट के लिए हुए उपचुनाव में फिर पार्टी ने उन्हें टिकिट देकर उम्मीदवार बनाया।  उनके लिए तब के प्रदेश अध्यक्ष रहे ललित किशोर चतुर्वेदी और मुख्यमंत्रवसुंधरा राजे ने भी क्षेत्र में जाकर रैलियां की। इस चुनाव में चांदनाथ ने प्रतिद्वंदी कांग्रेस के जीतेन्द्र सिंह को रिकॉर्ड करीब 13 हज़ार मतों से शिकस्त दी।     

 

- 2014 में लोकसभा चुनाव में प्रतिद्वंदी कांग्रेस के जीतेन्द्र सिंह को मात देकर सांसद बने। 

 

- महंत चांदनाथ विवादों में भी रहे। 2004 के चुनाव के दौरान उनके खिलाफ ह्त्या का मुकदमा चल रहा था। 

 

- अलवर में एक सभा के दौरान बीजेपी के उम्मीदवार महंत चांदनाथ योगगुरु बाबा रामदेव से मंच पर पैसे के लेनदेन की बात करते मीडिया के कैमरों में कैद हो गए थे।  वीडियो जमकर वायरल हुआ था और कई दिनों तक चर्चा में रहा था।  

 

- फरवरी 2017 को चांदनाथ को हरियाणा की अदालत ने ज़मीन धोखाधड़ी के एक मामले में आपराधिक साजिश रचने के आरोप में एक साल की सज़ा सुनाई थी।  

 

- वे शास्त्रीय एवं आचार्य कोर्सेज को उन्नत करने में महती भूमिका निभाते हुए समस्त भाषाओं की जननी की रक्षार्थ सेवारत रहे। 

 

- उन्होंने भारतीय कला एवं संस्कृति की रक्षार्थ अनेक मंदिरों का निर्माण करवाया। रोहतक हरियाणा और हनुमानगढ़ राजस्थान में चेरिटेबल अस्पताल का संचालन करने के साथ-साथ पांच गोशालाओं का संचालन किया। 

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