फेल हो गई पुलिस और इंटेलीजेंस, चमका देकर महुवा से सिविल लाइंस तक शव लेकर पहुंचे किरोड़ी

पुजारी की मौत का मामला : महुवा में पुलिस खाली ताबूत की करती रही रखवाली, मूकबधिर पुजारी का शव लेकर सांसद किरोड़ीलाल मीणा पहुंच गए सिविल लाइन फाटक, राजस्व मंत्री के साथ पहले दौर की वार्ता हुई विफल

By: pushpendra shekhawat

Published: 08 Apr 2021, 09:53 PM IST

जयपुर। भाजपा सांसद किरोड़ीलाल मीणा मूक बधिर पुजारी शंभूदयाल शर्मा के शव को लेकर जयपुर पहुंच गए। सांसद मीणा महुवा से पुजारी का शव थाने के बाहर से लेकर सिविल लाइन फाटक तक पहुंच गए लेकिन महुवा में मौजूद पुलिस—प्रशासन के अधिकारियों को इसकी भनक भी नहीं लगी। सिविल लाइन के बाहर शव उतारकर धरना शुरू करने के बाद पुलिस का अतिरिक्त जाब्ता और अधिकारी पहुंचे। शाम को करीबन चार बजे सरकार की ओर से राजस्व मंत्री के साथ सांसद मीणा और प्रतिनिधि मंडल की वार्ता हुई लेकिन उसमें किसी तरह की सहमति नहीं बन सकी।

टीकरी निवासी मूकबधिर पुजारी शंभूदयाल शर्मा से षड्यंत्रपूर्व जमीन की रजिस्ट्री के बाद दो अप्रैल को उसकी मौत हो गई थी। किरोड़ीलाल मीणा के नेतृत्व में पुजारी के शव को थाने के बाहर रखकर तीन अप्रैल से धरना चल रहा है। बुधवार शाम को महुवा में स्पेशल टास्क फोर्स, आरएसी का अतिरिक्त जाब्ता बुलाया गया था। पुलिस कार्रवाई की भनक लगने के बाद सांसद मीणा समर्थकों के साथ शव को लेकर जयपुर के लिए रवाना हो गए।

मौके पर रखे शव वाले बॉक्स को बदले जाने का पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों को आभास तक नहीं हुआ। पुलिस प्रशासन के अधिकारी सुबह तक खाली बॉक्स की रखवाली करते रहे। सुबह करीबन 11 बजे धरने पर बैठे लोगों पर आंसू गैस के गोले छोड़ने के साथ हल्का लाठीचार्ज किया गया। इसके बाद धरनास्थल पर रखे बॉक्स को अपने कब्जे में लेकर खोला गया।

ऐसा पहुंचा जयपुर शव

मीणा ने अपने कुछ लोगों के साथ मिलकर बुधवार को ही शव जयपुर लाने की योजना बना ली थी। इसी को ध्यान में रखकर मौके पर रखे बॉक्स जैसा एक और बॉक्स बनवाया गया। नए बॉक्स में बर्फ रखकर उसे थाने के सामने पहले से रखे गए शव वाले बॉक्स के पास रखा गया। कुछ देर बाद बर्फ वाला बॉक्स छोड़कर शव वाला बॉक्स मौके से हटा दिया। शव वाले बॉक्स को पहले टेक्ट्रर में रखकर जयपुर की ओर रवाना किया गया। करीबन 25 किलोमीटर के बाद बॉक्स को एक पिकअप में रखा गया। जिस पर पशुओं को खिलाने वाली तूड़ी चारा भरा था। यह पिक—अप सुबह भाजपा कार्यालय तक पहुंच गई थी। जहां से मीणा के साथ सिविल लाइन फाटक लाकर शव को उतारा गया।


क्या है मामला

मूक बधिर पुजारी की मंदिर माफी की जमीन की कुछ लोगों ने रजिस्ट्री करवा ली। जिस पर कुछ दुकानों का निर्माण भी करवा लिया गया। आरोपियों द्वारा जमीन हथियाने के बाद पुजारी की 2 अप्रैल की शाम को सदमें से मौत हो गई। इसके बाद एडीएम तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई, क्षेत्र में मंदिर माफी की जमीन से अतिक्रमण तोडऩे, मुकदमे के आरोपियों को गिरफ्तार करने सहित अन्य मांगों को लेकर 3 अप्रैल से धरना दिया जा रहा है।


मीणा बोले वार्ता विफल

सांसद किरोड़ीलाल मीणा, पूर्व मंत्री अरूण चतुर्वेदी, सांसद रामचरण बोहरा के साथ गए प्रतिनिधि मंडल ने वार्ता को विफल बताया। पूर्व मंत्री चतुर्वेदी ने कहा कि सरकार ने उनकी मांगों को मानने से इनकार कर दिया है ऐसे में अब धरना जारी रहेगा।


मुख्यमंत्री के नाम स्मरण पत्र भेजा

सांसद मीणा ने मुख्यमंत्री के नाम स्मरण पत्र भेजा। छह बिन्दुओं के इस पत्र के जरिए बताया गया है कि किस तरह पुजारी की मौत हुई। राजस्थान में मंदिर माफी की भूमि पर भूमाफियाओं ने कब्जा जमा रखा है। करीब 30 हजार बीघा मंदिर माफी की प्रदेश में भूमि है, जिसमें 18 हजार बीघा पर भूमाफियाओं का कब्जा है। सरकार कानून बनाकर मंदिर माफी की जमीन से कब्जा हटाए।

pushpendra shekhawat Desk
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