Makar Sankranti 2021: मकानों की छतों पर वो काटा-वो मारा की गूंज

Makar Sankranti 2021: कड़ाके की सर्दी, शीतलहर के बीच छतों पर लोग और आकाश में रंग-बिरंगी पतंगे ही पतंगों का नजारा। मकर संक्रांति के पर्व के मौके पर गुरूवार को ऐसा ही नजारा राजधानी जयपुर में देखने को मिल रहा है।

By: santosh

Updated: 14 Jan 2021, 10:18 AM IST

जयपुर. Makar Sankranti 2021: कड़ाके की सर्दी, शीतलहर के बीच छतों पर लोग और आकाश में रंग-बिरंगी पतंगे ही पतंगों का नजारा। मकर संक्रांति के पर्व के मौके पर गुरूवार को ऐसा ही नजारा राजधानी जयपुर में देखने को मिल रहा है। नववर्ष-2021 के पहले बडे़ पर्व की रौनक राजधानी में देखते ही बन रही है। पतंगबाजी से लेकर दानपुण्य के लिए लोगां ने तैयारियां पूरी कर ली है। सुबह से तिल, कंबल सहित अन्य चीजों का दान किया जा रहा है। वहीं गौशालाओं में गायों को हरा चारा खिलाकर गौमाता के समक्ष सुख समृद्धि की कामना की जा रही है।

उत्साह चरम पर
मकर संक्रांति पर शहर में सूरज उगने से पहले शुरू हुई आसमान छूने की होड़ सूरज डूबने के बाद तक बनी रहेगी। खासतौर पर युवाओं से लेकर बुजुर्गों में पतंगबाजी को लेकर उत्साह चरम पर है। छोटे बच्चों जहां कोरोना से जुडे़ कई संदेश और कार्टूनों की पतंगें उड़ा रहे हैं। वहीं बडे़ लोग एक दूसरे से पेच लड़ाने में मशगूल दिखे। शहर में बस वो काटा, वो मारा.. की आवाजें छतों से गूंज रही है। इस बार सरकार दिशानिर्देशों के मद्देनजर डीजे, गाने-बजाने पर रोक रही। लेकिन छतों पर डीजे बजाए गए।शीतलहर भी शहरवासियों के पतंग के उड़ाने के जोश को कम नहीं कर पा रही, दिन बढ़ने के साथ ही पूरा आसमान सतरंगी होने लगेगा।

यूं चलेगी हवा
मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में तेज शीतलहर के लिए पहले ही यलो अलर्ट जारी किया जा चुका है। आज हवा मध्यम गति से उत्तर पश्चिम दिशा से पूर्व दक्षिण की ओर चलेगी, जो पतंगबाजी का लुत्फ उठाने में होगी मददगार साबित होगी। वहीं गलवान घाटी की घटना के बाद चाइनीज सामान के साथ-साथ शहरवासियों ने चाइनीज मांझे, पतंगों का भी बहिष्कार किया। महिलाएं सुहाग की लंबी कामना एवं सुख समृद्धि के लिए कल्पने के सामान भी बांटेंगी।

बनेंगे पकवान, चलेगा दावत का दौर
सूरज निकलने के साथ ही लोग खाने-पीने का सामान लेकर छतों पर आ डटें। जैसे-जैसे दिन चढ़ेगा घरों में से पकवानों की महक भी आने लगेगी। घरवालों और मेहमानों के लिए गृहणियां फीणी, पकौडी, तिल के लड्डू बनाएगी।

चारदीवारी में दिखेगी रंगत
पतंगबाजी की विशेष रौनक चारदीवारी में देखने को मिल रही है। यहां हर छत पर एक दो नहीं बल्कि 10 से 15 लोग एकसाथ पतंग उड़ाते हुए सुबह से नजर आ रहे हैं। सांगानेर, प्रतापनगर, वैशालीनगर, सीस्कीम, राजापार्क, मानसरोवर, मालवीयनगर में भी पतंगबाज छतों पर डटे रहे। शहर की अन्य कॉलोनियों में भी बच्चें और महिलाएं पतंगबाजी में बढचढकर हिस्सा लेगी। हवा ने फिलाहल सुबह से लोगों का पूरा साथ दिया। हवा के रुख के साथ ही पतंगें आकाश छूती रहीं। वहीं कटी पतंगों को लूटने का बच्चे ही नहीं बड़े और महिलाएं भी मजा लेते हुए नजर आए। सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। मांझे से घायल बेजुबान पक्षियों की मदद के लिए शहर में जगह-जगह एनजीओं के जरिए निःशुल्क चिकित्सा शिविर भी लगाए गए हैं।

सोशल साइट्स पर स्टेटस अपलोड
सोशल साइटस फेसबुक, इंस्टाग्राम, वाटसएप पर की युवाओं ने दोस्तों के साथ पतंगबाजी की फोटोज सोशल मीडिया और स्टेटस पर लगाने में होड़ सी नजर आ रही है। एक से बढ़कर एक फोटो युवा साइटस पर साझा कर रहे हैं।

सजी पतंग, डोर की झांकी
शहर आराध्य गोविंद देव जी मंदिर, पानों का दरीबा स्थित सरस निकुंज, चांदपोल स्थित परकोटा गणेश मंदिर, अक्षयपात्र, नहर के गणेश जी, अक्षरधाम, इस्काॅन सहित अन्य मंदिरों में भगवान के समक्ष पतंग और चरखी की झांकी सजाई गई। मंदिरों में राधे-रानी चांदी की चरखी पकड़ती हुई नजर आएगी तो वहीं ठाकुरजी सोने की पतंग उड़ाएंगे। इसके साथ ही तिल के व्यंजनों का भोग लगाया गया। भक्तों ने दर्शन कर सुख समृद्धि, कोरोना से मुक्ति की कामना की।

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