scriptMakar Sankranti 2022 Shubh Muhurat | Makar Sankranti 2022: दिनभर जारी रहेगा दान पुण्य का दौर, 118 साल बाद तीन ग्रहों का संयोग | Patrika News

Makar Sankranti 2022: दिनभर जारी रहेगा दान पुण्य का दौर, 118 साल बाद तीन ग्रहों का संयोग

118 साल बाद त्रिग्रही संयोग में मकर संक्रांति का पर्व शुक्रवार को रोहिणी नक्षत्र और शुक्ल योग में मनाया जाएगा। कोरोना काल के चलते भक्त इस बार भी पर्व पर आस्था की डुबकी नहीं लगा सकेंगे।

जयपुर

Updated: January 14, 2022 11:35:50 am

118 साल बाद त्रिग्रही संयोग में मकर संक्रांति का पर्व शुक्रवार को रोहिणी नक्षत्र और शुक्ल योग में मनाया जाएगा। कोरोना काल के चलते भक्त इस बार भी पर्व पर आस्था की डुबकी नहीं लगा सकेंगे। ज्योतिषविदों के मुताबिक सूर्य का मकर राशि में दोपहर 2.29 बजे प्रवेश होगा। संक्रांति का पुण्यकाल सुबह 8.05 से शाम 5.50 बजे तक रहेगा।

Makar Sankranti

ज्योतिषाचार्य पं. दामोदर प्रसाद शर्मा ने बताया कि रोहिणी नक्षत्र में संक्रांति बाघ पर सवार होकर धोबी के घर पर प्रवेश करेगी। इससे पशुपालकों और डेयरी उत्पादकों के लिए आगामी समय प्रगतिकारक रहेगा। साथ ही विज्ञान के क्षेत्र और बाजार में तेजी का दौर, शत्रुओं का नाशा और बाधाएं समाप्त होगी। सभी राशि के जातकों को सूर्यदेव को जल अर्पित कर सात बार सूर्य नमस्कर करना फायदेमंद रहेगा।

गदा शस्त्र लेकर होगा संक्रांति का प्रवेश
शर्मा ने बताया कि इस दिन खासतौर पर मकर राशि के स्वामी शनि की प्रिय वस्तुओं का दान गजक, रेवडी, तिल, कंबल, रजाई का दान विशेष महत्व है। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने से बुध, शनि के संयोग से त्रिग्रही संयोग बनेगा। 118 साल यानि 1904 बाद त्रिग्रही संयोग बनेगा। सिंह, मेष, वृश्चिक, मीन राशि के लिए विशेष प्रगतिकारक, मिथुन, तुला और कुंभ राशि के जातकों को सामान्य और वृषभ, कर्क, कन्या, मकर धनु राशि के जातकों को मध्यम फल मिलेगा। ज्योतिषाचार्य पं. घनश्यामलाल स्वर्णकार ने बताया कि संक्रांति के प्रवेश के समय संक्रांति शरीर पर कुमकुम का लेप लगाकर पीले रंग के वस्त्र, चमेली पुष्प की माला धारण कर हाथ में गदा का शस्त्र लेकर चांदी के बर्तन में खीर का भोजन करती हुई बैठी हुई स्थिति में कुमारी अवस्था में दिन के द्वितीय भाग में प्रवेश करेगी।

होगी शुभ कार्यों की शुरुआत
ज्योतिषाचार्य पं. पुरुषोत्तम गौड़ ने बताया कि पानी में गंगाजल, तिल या गुड़ मिलाकर स्नान करें। उं सूर्याय नम: सहित सूर्य उपासना के मंत्रों का उच्चारण करते हुए सूर्यदेव को अघ्र्य दें। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही शुभ-मांगलिक कार्यों की शुरुआत होगी। दिनभर दान पुण्य का विशेष महत्व रहेगा। पं. आचार्य गौरीशंकर शर्मा, पं. राजेंद्र शर्मा ने बताया कि मकर संक्रांति को उत्तरायण के नाम से भी जाना जाता है। तिल, गुड़ और खिचड़ी का सेवन करें। गौशाला में गायों को हरा चारा खिलाने, असहाय व्यक्ति की सेवा का विशेष फल मिलेगा। इस दिन शनि देव और सूर्य का मिलन हुआ था।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

Uttar Pradesh Assembly Election 2022 : स्वामी प्रसाद मौर्य समेत कई विधायक सपा में शामिल, अखिलेश बोले-बहुमत से बनाएंगे सरकारParliament Budget session: 31 जनवरी से होगा संसद के बजट सत्र का आगाज, दो चरणों में 8 अप्रैल तक चलेगानिलंबित एडीजी जीपी सिंह के मोबाइल, पेन ड्राइव और टैब को भेजा जाएगा लैब, खुल सकते हैं कई राजसीएम बड़ा फैसला : स्कूल-होस्टल रहेंगे बंद, घर से ही होगी प्री बोर्ड परीक्षाGuwahati-Bikaner Express derailed:हादसे में अब तक 9 की मौत, जानें इस हादसे से जुड़ी अहम बातेंRajasthan-Gujarat :के लिए अब एक और नया हाइवेतीसरी लहर का खतरनाक ट्रेंड, डाक्टर्स ने बताए संक्रमण के ये खास लक्षणInd vs SA: चेतेश्वर पुजारा कर बैठे बड़ी भूल, कीगन पीटरसन को दिया जीवनदान; हुए ट्रोल
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.