भाई को धोखा देंगे तो बढ़ जाएंगे ये दुख—दर्द, इस तरह कम हो सकते हैं कष्ट

ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर बताते हैं कि मंगल भाई का भी कारक होता है। भाई को धोखा देने पर मंगल अशुभ प्रभाव देने लगता है।

By: deepak deewan

Published: 30 Jun 2020, 07:50 AM IST

जयपुर.
नवग्रहों में मंगल देव को सेनापति का दर्जा दिया गया है. मंगल शौर्य—पराक्रम के कारक हैं, उन्हें क्रूर ग्रह कहा जाता है लेकिन उनमें प्रेम की भावना भी गहराई तक है. यही कारण है कि बिना उनकी प्रसन्नता के दांपत्य सुख नहीं मिलता. इतना ही नहीं, शुक्र के साथ ही उन्हें भी प्रेम संबंधों का कारक माना जाता है।

ज्योतिषाचार्य पंडित दीपक दीक्षित के अनुसार कुंडली में मंगल के अशुभ प्रभाव के कारण कई दिक्कतें आती हैं। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली के प्रथम, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम या द्वादश भाव में मंगल स्थित है तो ऐसे लोग मंगली माने जाते हैं। इन लोगों पर मंगल ग्रह का अत्यधिक प्रभाव होता है। मांगलिक जातकों की शादी देर से होती है और शादी के बाद गृहस्थ जीवन में भी कई परेशानियां सामने आती हैं। मंगल यदि ज्यादा अशुभ प्रभाव दे रहा हो तो शादी होती ही नहीं हैं।

ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर बताते हैं कि मंगल भाई का भी कारक होता है। भाई को धोखा देने पर मंगल अशुभ प्रभाव देने लगता है। मंगल अशुभ होने पर विवाह में बाधा सहित अन्य कई परेशानियां सामने आ सकती हैं। मंगल अशुभ होने से कर्ज बढ़ता है। देह में दर्द का कारक भी मंगल है। मंगल की अशुभता भूमि संबंधी कामों में नुकसान कराती है। इससे रक्त संबंधी गंभीर बीमारी हो सकती है।

मांगलिक दोष करने के लिए हनुमानजी की पूजा सबसे श्रेष्ठ है। हर मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें, हो सके तो इस दिन हनुमानजी को चोला भी चढ़ाएं। हनुमानजी की पूजा से मंगलदेव भी प्रसन्न होते हैं और सभी बिगड़े काम बना देते हैं। अपने भाई को किसी भी हाल में धोखा न दें, इससे आपपर जीवनभर मंगलदेव की कृपा बनी रहेगी.

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