हनुमानजी जल्द करा देंगे बिटिया का ब्याह, उन्हेंं ऐसे करें प्रसन्न्

सनातन धर्म में विवाह को सबसे प्रमुख संस्कार माना गया है. शादी के साथ ही गृहस्थ जीवन का शुभारंभ भी होता है। वर्तमान माहौल में विवाह में देरी और दांपत्य जीवन में गड़बड़ी आम बात हो गई है। इसका कारण कुंडली में भी मिल सकता है.

By: deepak deewan

Published: 07 Jul 2020, 07:31 AM IST

जयपुर। सनातन धर्म में विवाह को सबसे प्रमुख संस्कार माना गया है. शादी के साथ ही गृहस्थ जीवन का शुभारंभ भी होता है। वर्तमान माहौल में विवाह में देरी और दांपत्य जीवन में गड़बड़ी आम बात हो गई है। इसका कारण कुंडली में भी मिल सकता है.

ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई के अनुसार कन्या की कुंडली में गुरू के साथ ही मंगल देव को विवाह और दांपत्य सुख का कारक माना जाता है। यदि शादी में अनावश्यक देरी हो रही है या दांपत्य जीवन में कुछ कड़वाहट चल रही है तो कुंडली में मंगल की स्थिति देखनी चाहिए. मंगल के अशुभ प्रभाव के कारण ये दिक्कतें आती हैं तो इन्हें दूर करने की जरूरत है। यदि किसी की कुंडली के प्रथम, चतुर्थ, सप्तम या द्वादश भाव में मंगल स्थित है तो ऐसे लोग मंगली माने जाते हैं। इन लोगों की शादी देर से होती है और शादी के बाद गृहस्थ जीवन में भी कई परेशानियां सामने आती हैं।

ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर बताते हैं कि यदि मंगल ज्यादा अशुभ प्रभाव दे रहा हो तो शादी होती ही नहीं हैं। मांगलिक दोष करने के लिए हनुमानजी की पूजा सबसे श्रेष्ठ है। हनुमानजी की पूजा से मंगलदेव प्रसन्न होते हैं और सभी बिगड़े काम बना देते हैं। हर मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें, हो सके तो इस दिन हनुमानजी को चोला भी चढ़ाएं। हनुमान चालीसा का पाठ सात बार करें. यदि मंगलवार से शुरू करके 40 दिनों तक रोज हनुमान चालीसा का पाठ सात बार करें तो त्वरित फल मिलता है.

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