मांझे ने छीना उड़ान का हक, पतंगबाजी का शौक पक्षियों की जान पर भारी


सैकड़ों परिंदे हुए घायल
जान बचाने के लिए किया ऑपरेशन

By: Rakhi Hajela

Published: 14 Jan 2021, 08:48 PM IST


पतंग उड़ाने के लिए मांझे के इस्तेमाल पर रोक के बावजूद हुई पतंगबाजी ने कई परिंदों से उनकी उड़ान का हक छीन लिया है। पशुपालन विभाग के साथ वन विभाग और शहर की कई स्वयंसेवी संस्थाओं रक्षा, होप एंड बियोंड, World, नेचर केयर आदि में सुबह से ही घायल परिंदों का आना शुरू हो गया। रक्षा के रोहित गंगवाल ने बताया कि गुरुवार को मकर संक्रांति के अवसर पर उनकी टीम ने 68 परिंदों को रेस्क्यू किया। इनमें दो कमेड़ी,दो तोता, एक मोर, एक बाज और शेष कबूतर थे। उन्होंने बताया कि रक्षा की हेल्पलाइन नंबर 9828500065 पर दिन भर परिंदों के घायल होने को लेकर कॉल आते रहे। संस्थान ने इन परिंदों को शहर के विभिन्न भागों से रेस्क्यू कर उनका उपचार किया है। उन्होंने एक बाज मांझे से इस कदर घायल हुआ था कि उसकी हड्डी में फ्रेक्चर हो गया जिसका ऑपरेशन किया गया जो तकरीबन ढाई घंटे तक चला।
गौरतलब है कि चाइनीज मांझे पर रोक के बाद भी पतंगबाजी की वजह से सैकड़ों की संख्या में पक्षी घायल होते हैं। पक्षी उड़ते हुए पतंग के मांझे से घायल होते हैं साथ ही पतंगें मांझे के साथ पेड़ों में फंसी रहती हैं, जो पक्षियों के घायल होने की वजह बनती हैं। पक्षी प्रेमियों ने घायल पक्षियों को अस्पताल और स्वयंसेवी संस्थाओं की ओर से बने हुए शेल्टर होम में पहुंचाया। वहीं स्वयंसेवी संस्थान के सदस्य भी सूचना मिलने पर इन्हें रेस्क्यू करते रहे।

कल भी करेंगे पक्षियों को रेस्क्यू
वन विभाग की ओर से अशोक विहार में बने शेल्टर होम में भी बड़ी संख्या में घायल पक्षी पंहुचे। वन विभाग के वेटरनरी ऑफिसर डॉ. अशोक तंवर ने बताया कि अशोक विहार में बने कैम्प में इनका उपचार किया गया। चौड़ा स्थित पक्षी चिकित्सालय में तकरीबन 150 पक्षियों का उपचार किया गया। इसी प्रकार एंजलआईज एनिमल वेलफेयर फाउंडेशन ने 100 परिंदों को रेस्क्यू किया। नेचर केयर संस्थान के राकेश प्रजापत ने बताया कि 45 कबूतर, एक बाज और एक डव को रेस्क्यू करने में सफलता प्राप्त की। राकेश ने बताया कि उनका शेल्टर होम शुक्रवार को भी पक्षियों को बचाने के लिए काम करेगा। आमजन संस्थान की हेल्पलाइन 9352535425 पर सम्पर्क कर सकते हैं।
यहां 18 पशुचिकित्सकों ने दी सेवाएं
World संगठन ने पशुपालन विभाग के साथ मिलकर शहर में 16 बर्ड रेस्क्यू सेंटर्स (Bird Resuce Center) बनाए और ऑपरेशन फ्री स्काई (Operation free sky) चलाया, जिसमें 18 पशु चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं दीं और अस्पताल में आज आने वाले परिंदों में 90 प्रतिशत पक्षियों में मांझे की वजह से गहरे कट लगे हैं इनमें से कई परिंदे तो ऐसे थे जो शायद ही कभी उड़ान भर सकें। पॉलीक्लीनिक के डॉक्टर प्रदीप ने बताया कि इनमें से कुछ पक्षियों को ऐसी चोटें भी हैं जिसने उड़ान हमेशा के लिए छीन लिया। उनके पंखों में स्थाई इंजरी आई है। इनमें ज्यादातर कबूतर और कमेड़ी शामिल हैं। वहीं, कुछ पक्षियों ने इलाज के दौरान दम भी तोड़ दिया है। पॉलीक्लीनिक की ओर से लगाए गए सेंटर्स पर 45 परिंदों का इलाज किया गया।

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नेचर केयर में घायल पक्षी का इलाज करते पशु चिकित्सक IMAGE CREDIT: नेचर केयर में घायल पक्षी का इलाज करते पशु चिकित्सक
Rakhi Hajela Desk
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