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मांझा भी बन सकता करंट का कारण, मेटल पाउडर कोटेड मांझे से रहें दूर, पढ़े पूरी खबर

Makar Sankranti in Rajasthan: मकर संक्रांति पर पतंग जरूर उड़ाएं। क्या आपको पता है कि मांझा भी विद्युत करंट का कारण बन सकता है। मांझे की वजह से हाई वोल्टेज होने पर बड़े विद्युत हादसे को भी अंजाम मिलने की संभावना रहती है।

जयपुर

Published: January 12, 2022 06:34:12 pm

Makar Sankranti in Rajasthan: मकर संक्रांति पर पतंग जरूर उड़ाएं। क्या आपको पता है कि मांझा भी विद्युत करंट का कारण बन सकता है। मांझे की वजह से हाई वोल्टेज होने पर बड़े विद्युत हादसे को भी अंजाम मिलने की संभावना रहती है। लिहाजा पतंगबाजी के दौरान बिजली की लाईनों से पर्याप्त दूरी बनाए रखने के साथ ही कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखकर बिजली से जुड़ी किसी भी संभावित दुर्घटना से बचा जा सकता है।

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क्या कहता है विद्युत विभाग
जयपुर डिस्कॉम के प्रबन्ध निदेशक नवीन अरोड़ा ने बताया कि मकानों के पास से गुजर रही बिजली की लाईनों के आसपास पतंग उड़ाते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। यदि बिजली के तार या उपकरणों में पतंग व डोर फंस जाए तो उसे नहीं खींचे ना ही धातु की छड़ आदि से छुड़ाने का प्रयास का प्रयास करें। कोई पतंग फंस जाए तो लोहे या एल्मूनियम के पाईप, सरिए व गीली लकड़ी से हटाने का कतई प्रयास नही करें। उन्होंने बताया कि एल्यूमिनियम फॉयल (धातु) से बनी हुई पतंग एवं मेटल पाउडर कोटेड मांझे का उपयोग नहीं करें क्योंकि ये विद्युत चालक का कार्य करते हैैं और विद्युत दुर्घटना की दृष्टि से बहुत खतरनाक हैैं।

वाहन चालक भी बचेंं
मांझे का उपयोग विद्युत लाईनों के साथ-साथ दो-पहिया वाहनों व परिन्दों के लिए भी घातक होता है। मेटल पाउडर से बने मांझे के बिजली के तारों में उलझने से हाई वॉल्टेज उत्पन्न होने पर विद्युत उपकरणों को क्षति पहुंचने का खतरा रहता है। असामान्य परिस्थितियों में अपने प्रतिष्ठान व निवास के विद्युत उपकरणों एवं वायरिंग कि सुरक्षा के लिए भारतीय विद्युत नियमों के अनुसार उचित रेटिंग की इएलसीबी एवं एमसीबी का उपयोग करना चाहिए।

मकर संक्रांति से पहले ही पहुंचे अस्पताल
जयपुर में मांझे या चायनीज मांझे का कहर फिर देखने को मिल रहा है। मकर संक्रांति में अभी दो दिन बाकी है, लेकिन उससे पहले ही मांझे से घायल मरीज एसएमएस ट्रोमा सेंटर पहुंचने लगे हैं। बुधवार को भी दो बच्चे मांझे से घायल होकर एसएमएस पहुंचे। एक 10 साल का तो एक 13 साल का बच्चा घायल हो गया था। इन्हें ट्रोमा सेंटर लाया गया। दोनों के हाथों में मांझे से गंभीर चोटें आई। मंगलवार को भी ट्रोमा सेंटर में दो मरीज पहुंचे थे। इनमें से एक 42 साल के शिवशंकर थे, जिन्हें बाइक पर जाते समय मांझे ने अपनी चपेट में ले लिया और उनकी गर्दन पर चीरा लगा। इसी तरह 6 साल के हिमांशु की गर्दन भी कटते—कटते बची। दोनों की गर्दन पर कई टांके आए।

यहां की जा सकती है शिकायत
पतंगबाजी के दौरान बिजली गुल होने या अन्य आपूर्ति कट होने पर संबंधी शिकायतों के निवारण के लिए जयपुर डिस्कॉम के उपभोक्ता अपनी शिकायतें कॉल सेन्टर के टेलीफोन नंबर 0141-2203000 और टोल फ्री नम्बर 18001806507 अथवा 1912 पर दर्ज करा सकते हैं।

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