करोड़ों वर्ष पुरानी धरती की इन परतों में मनुष्य आगमन के कई राज छुपे

बारां का रामगढ़ क्रेटर और उदयपुर की लैड-जिंक की जावर माइंस को नोटिफिकेशन का इंतजार

By: jagdish paraliya

Published: 10 Jun 2020, 05:34 PM IST

जोधपुर. जीवन के रहस्य की परतें उजागर करने वाली धरती की कोख के सर्वाधिक पन्ने राजस्थान में है। देश ने अभी तक ३२ स्थानों को राष्ट्रीय भू-स्मारक का दर्जा दिया है जहां पृथ्वी की शुरुआत को समझने में मदद मिलती है। इन ३२ में से १० स्मारक केवल राजस्थान में ही है। इसके अलावा दो और स्मारक बारां का रामगढ़ क्रेटर और उदयपुर की लैड-जिंक की जावर माइंस नोटिफिकेशन की कतार में है। करोड़ों वर्ष पुरानी धरती की इन परतों से एक कोशिकीय जीवों से लेकर डायनासोर और मनुष्य के आगमन के राज छुपे हुए हैं।
जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया को देश में अब तक ३२ स्मारक भू-महत्व के मिले हैं। सिक्किम, नागालैंड, झारखण्ड, उड़ीसा, हिमाचल प्रदेश, छतीसगढ़, महाराष्ट्र और गुजरात में केवल एक-एक भू-स्मारक है। कर्नाटक, तमिलनाडू और आंध्रप्रदेश में चार-चार है जबकि केरल में दो है।

जानिए प्रदेश के इन भू-स्मारकों को
1. पाली का सेंदरा ग्रेनाइट- पाली जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर ग्रेनाइट के पहाड़ों पर शेषनाग सहित विभिन्न सांपों की आकृति बनी हुई है। कइयों के सात मुख है। यहां शिवजी का पिंड, उल्लू सहित अन्य जानवरों के भी जीवाश्म है।
2. पाली का बर कॉन्गलोमरेट- यहां बहुत अधिक डीफॉर्मेशन हुआ। इतने अधिक दबाव से पत्थर चपटे हो गए।
3. उदयपुर का स्ट्रेमेटोलाइट पार्क- दुनिया के प्रथम प्रकाशसंष्लेषी जीव नीले-हरे शैवाल के जीवाश्म यहां हैं जो जीवन के उद्भव व प्रक्रम के बारे में बताते हैं।
4. उदयपुर का राजपुर-दरिबा बेल्ट- यहां जिंक व लैड का बेहतरीन डिपोजिशन है।
5. जैसलमेर का आकल वुड जीवाश्म पार्क- यहां जिम्नोस्पर्म पेड़ों के बड़े तने मिले हैं। ये पेड़ ३० मीटर तक लंबे होते थे। इस समय डायनासोर का युग था।
6. चितौडग़ढ़ में भोजुंदा स्ट्रेमेटोलाइट पार्क- यहां कई नमूने चोरी हो गए हैं। बार-बार विजिट के बावजूद लोग इस संरचना को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
7. अजमेर में किशनगढ़ नेफेलिन साइनाइट- ग्रेनाइट की तरह दिखने वाला नेफेलिन खनिज दुनिया में बहुत कम मिलता है।
8. जोधपुर वेल्डेड टफ- जसवंतथड़ा के पास एेसे संरचनाएं है जो वेल्डिंग की हुई लगती है। ज्वालामुखी विस्फोट के समय कई कण हवा में चले गए। अत्यधिक गर्म कण नीचे आकर एक दूसरे से वेल्डिंग जैसे चिपके।
9. जोधपुर-मालानी गु्रप- रायोलाइट व छीतर के पत्थर का एक-दूसरे के ऊपर डिपोजिशन मिलता है जो दो काल क्रम को समझने में मदद करता है।
10. बूंदी में सथूर का ग्रेट बाउंड्री फाल्ट- यह राजस्थान की अरावली और मध्यप्रदेश के विंध्याचल को अलग करता है।

jagdish paraliya
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