रीट के अंकों में कई वर्गों को मिल सकती है छूट

रीट परीक्षा 2020 (REET EXAM 2020) में सरकार ने कई वर्गों को पांच से दस फीसदी की छूट देने की तैयारी कर ली है। डूंगरपुर आंदोलन (Dungarpur movement) के बाद राज्य सरकार (State government) की ओर से इस दिशा में मंथन किया जा रहा है। आगामी दिनों में सरकार की ओर से इस प्रस्ताव पर मुहर लगने की पूरी उम्मीद है।

By: vinod

Published: 17 Oct 2020, 12:21 AM IST

सीकर। रीट परीक्षा 2020 (REET EXAM 2020) में सरकार ने कई वर्गों को पांच से दस फीसदी की छूट देने की तैयारी कर ली है। डूंगरपुर आंदोलन (Dungarpur movement) के बाद राज्य सरकार (State government) की ओर से इस दिशा में मंथन किया जा रहा है। आगामी दिनों में सरकार की ओर से इस प्रस्ताव पर मुहर लगने की पूरी उम्मीद है। रीट परीक्षा में तीन अहम बदलावों को लेकर शिक्षा विभाग (Education Department) ने फाइल तैयार कर ली है। फिलहाल रीट में 60 फीसदी अंक सभी वर्गों के लिए तय है। पिछले कई सालों से बेरोजगारों ( unemployed) की ओर से न्यूनतम अंक प्रतिशत में छूट देने की मांग उठ रही थी। इस पर सरकार ने यह प्रस्ताव तैयार किया है। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो टीएसपी एरिया के बेरोजगारों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। इधर, तृतीय श्रेणी शिक्षकों के 31 हजार पदों की भर्ती को मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश के दस लाख से अधिक युवा पूरी तरह तैयारी में जुट गए है। रीट द्वितीय लेवल में वैटेज को लेकर भी जल्द घोषणा हो सकती है।

इन वर्गों को मिल सकती है छूट
टीएसपी व नॉन टीएसपी एरिया के एससी, एसटी, ओबीसी, दिव्यांगजन, भूतपूर्व सैनिक व विधवा महिला वर्ग को छूट दी जा सकती है। न्यूनतम पांच से दस फीसदी की छूट दिए जाने की योजना है। हालांकि इस प्रस्ताव पर अगले सप्ताह चर्चा होने के बाद मुहर लगने की उम्मीद है।

ऐसे समझें फायदे का गणित
1. जनजाति क्षेत्र : कम कट ऑफ पर मिल सकेगी नौकरी
जनजाति क्षेत्र में शिक्षक भर्ती में कट ऑफ कम रहने की वजह से पिछली भर्ती में काफी पद रिक्त रह गए। इन पदों को भरने की मांग को लेकर ही पिछले दिनों जनजाति क्षेत्र के युवाओं ने आंदोलन किया था। अब रीट में छूट मिलने से इस तरह की स्थिति बनने पर कम अंक वालों को भी नौकरी मिल सकेगी। पुराने नियमों की वजह से इनको रिक्त पद होने के बाद भी नौकरी नहीं दी जा रही थी।
2. गैर जनजाति क्षेत्र: कुछ वर्गो को मिलेगा फायदा
गैर जनजाति क्षेत्र की बात करें तो ज्यादातर वर्गों की सभी विषयों की कट ऑफ 60 फीसदी से ज्यादा ही रहती है। ऐसे में विधवा महिला, दिव्यांग व भूतपूर्व सैनिकों को सरकार की इस छूट का फायदा मिल सकता है।

वैटेज कम करने से मिलेगा प्रदेश के युवाओं को फायदा
फिलहाल रीट द्वितीय लेवल में 70 फीसदी रीट व 30 अंक स्नातक के शामिल कर मेरिट बनाई जाती है, लेकिन सरकार प्रदेश के युवाओं को फायदा देने के लिए रीट के वैटेज को 20 फीसदी तक कम कर सकती है। सूत्रों का कहना है कि दूसरे राज्यों के विद्यार्थियों के स्नातक में अधिक अंक होने की वजह से प्रदेश के युवाओं को काफी नुकसान होता हैं। इसके अलावा पिछली भर्ती में स्नातक की दूसरे विश्वविद्यालयों की अंकतालिका लगाने से भी मामला विवादों में आया था।

सरकार की मंशा बेरोजगारों को राहत देने की
रीट भर्ती को लेकर अधिकारियों से चर्चा हो चुकी है। कुछ नियमों में बदलाव के बाद रीट की विज्ञप्ति जारी कराई जाएी। वैटेज के संबंध में जल्द निर्णय ले लिया जाएगा। रीट भर्ती में सरकार की मंशा प्रदेश के बेरोजगारों को पूरी तरह राहत देने की है। सरकार इसके लिए पूरी तरह जुटी हुई है।
गोविंद सिंह डोटासरा, शिक्षा मंत्री

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