निगम क्षेत्र में आए कई साल गुजरे, लेकिन फिर भी नहीं बदली सूरत

जयपुर ग्रेटर ( Jaipur Greater ) की शहरी सरकार ( urban government of Jaipur ) को चुनने की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं लेकिन इन चुनावी तैयारियों के बीच एक बार फिर से मतदाताओं का दर्द झलक रहा है।

By: Ashish

Published: 16 Oct 2020, 04:05 PM IST

जयपुर

जयपुर ग्रेटर ( Jaipur Greater ) की शहरी सरकार ( urban government of Jaipur ) को चुनने की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं लेकिन इन चुनावी तैयारियों के बीच एक बार फिर से मतदाताओं का दर्द झलक रहा है। वजह है कि चुनाव के समय उम्मीदवार, प्रत्याशी बड़े बड़े वादे करते हैं लेकिन चुनाव जीतने के बाद खासतौर पर उन क्षेत्रों की सुध लेना ही भूल जाते हैं जहां विकास की दरकार है। जयपुर ग्रेटर नगर निगम क्षेत्र में आने वाले बगरू विधानसभा क्षेत्र ( Bagru Assembly constituency ) वार्ड संख्या 121 ( Ward 121 ) और 122 ( ward 122 ) में काफी जगह विकास की हालत बेहद खस्ता नजर आती है।

आलम यह है कि इन वार्डों की कई कॉलोनी, गांव और ढाणियों को नगर निगम क्षेत्र में आए एक दशक से ज्यादा का समय गुजर चुका है लेकिन यहां अभी भी रोड लाइट, सड़क, सीवरेज लाइन, सरकार पेयजल आपूर्ति समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। वैसे ही बगरू विधानसभा क्षेत्र का अधिकांश हिस्सा विकास के मामले में शहरी सरकार के भरोसे है, लेकिन यहां इन दोनों वार्डों में कई स्थानों पर हालात आज भी सुविधाओं से वंचित वाले किसी गांव, ढाणी जैसे ही बने हुए हैं। मतदाताओं में गुस्सा है कि चुनाव के समय बड़े बड़े वादे होते हैं लेकिन चुनाव निपटने पर उन्हें भूला दिया जाता है।

 

 

 

निगम क्षेत्र में आए कई साल गुजरे, लेकिन फिर भी नहीं बदली सूरत

वार्ड 121 में यह क्षेत्र शामिल
वार्ड 121 अनारक्षित श्रेणी का है। क्षेत्र की बात करें तो खानियां पावर हाउस, शंकर विहार, सुंदर विहार, नाहर सिंह का बाग, मच्छ की पीपली, बाल आश्रम, लक्ष्मी नगर, बाबाजी मोड, जवाहर वाटिका, भगवान वाटिका इत्यादि के साथ ही लूणियावास बस स्टैंड का एरिया शामिल है। इसके साथ ही गोनेर रोड पर मुख्य सड़क से दाहिनी ओर की कई कॉलोनियां शामिल हैं। इनमें रावों की ढाणी, जगदीश कॉलोनी, भावगढ़ बंधा गांव, बागरों की ढाणी, गुर्जरों का बास, खो नागोरियान बाईपास रोड तक समेत अन्य कई हिस्से शामिल हैं।

स्थानीय निवासियों का यह कहना
वार्ड 121 के भावगढ़ बंधा निवासी दिनेश शर्मा का कहना है कि आस पास की कॉलोनियों में न सीवर लाइन हैं और न ही रोड। जगह जगह गड्डे हैं। रोड लाइट भी नहीं। बारिश में कॉलोनियों में पानी भर जाता है। उसकी निकासी की व्यवस्था भी नहीं है। पिछले दिनों आई तेज बारिश में खूब पानी भर गया लेकिन किसी जनप्रतिनिधि ने आकर सुध नहीं ली। स्थानीय निवासी रामस्वरूप का कहना है कि विकास के मामले में क्षेत्र पिछड़ा हुआ है।

 

निगम क्षेत्र में आए कई साल गुजरे, लेकिन फिर भी नहीं बदली सूरत

वार्ड 122 में यह क्षेत्र शामिल
वहीं, वार्ड संख्या 122 के क्षेत्र की बात करें तो लूणियावास शमशान के पश्चिम दक्षिणी कार्नर का हिस्सा, हीरापुरा, लखेसरा, खोरी, रोपाड़ा,राजेन्द्र नगर, आशा विहार, गौतम नगर, विनायक विहार, गोविंदपुरा के राजस्व ग्रामों के साथ ही गोनेर रोड नाले का तक का हिस्सा शामिल है। इसके साथ ही गोनेर रोड मुख्य सड़क के दाहिने ओर की गई कॉलोनियां के साथ अन्य हिस्से भी शालिम हैं। यह वार्ड एससी महिला के लिए आरक्षित है।

चुनावी वादे रह जाते हैं अधूरे
वार्ड 122 में रोपाड़ा निवासी प्रकाश चंद मीना का कहना है कि चुनाव के समय प्रत्याशी वोट मांगकर चले जाते हैं। लेकिन विकास के नाम पर वार्ड क्षेत्र काफी पिछड़ा हुआ है। बारिश में गांव, ढाणियों में पानी भर जाता है। निकासी का रास्ता तक अवरूद्ध हो जाता है। पेयजल की कोई सरकारी व्यवस्था नहीं है। कभी 350 तो कभी 400 रुपए देकर प्राइवेट टैंकर मंगवाते हैं। उसी पानी को पीते हैं तो उसी से नहाते हैं। वहीं स्थानीय निवास कजोड़ मीना कहते हैं कि कोई जनप्रतिनिधि सुध लेने नहीं आता। नगर निगम क्षेत्र में आने के कई सालों के बाद भी मूलभूत सुविधाएं तक स्थानील लोगों को नहीं मिल पाई हैं। रास्तों में गड्डे हैं। कई जगहों पर सड़कों का अभाव है। कहीं सड़क है भी तो टूटी फूटी हालत में है।

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