आश्चर्यजनक! फोगिंग भूलकर शहर में लार्वा ढूंढ़ने निकले निगमकर्मी, 500 रुपए का लगा रहे जुर्माना

Savita Vyas | Publish: Sep, 07 2018 12:18:49 PM (IST) Jaipur, Rajasthan, India

जयपुर नगर निगम ने राजधानी के ऐसे 45 लोगों पर जुर्माना लगाया है, जिनके घर, कार्यालय या दुकान के आस-पास जमा पानी में लार्वा पाए गए हैं।

जयपुर। खुद की नाकामी का ठीकरा दूसरों के सिर किस तरह से फोड़ा जाए, इसकी मिसाल पेश की है नगर निगम प्रशासन ने। जयपुर नगर निगम ने राजधानी के ऐसे 45 लोगों पर जुर्माना लगाया है, जिनके घर, कार्यालय या दुकान के आस-पास जमा पानी में लार्वा पाए गए हैं। दिलचस्प बात यह है कि नगर निगम ने उन लोगों पर तो जुर्माना लगा दिया है, लेकिन मानसूनी सीजन के अंतिम दिनों में बरसात के कारण मच्छरों की भरमार होने के बावजूद खुद निगम ने अब तक शहर में फोगिंग नहीं की है। निगम ने एक सितंबर से फोगिंग करवाने का दावा किया था। आश्चर्य की बात तो यह है कि निगम ने अभी तक शुरुआत तक नहीं की है।

निगम ने चला रखा है अभियान

नगर निगम की स्वास्थ्य अधिकारी प्रभारी (मलेरिया) डॉ. सोनिया अग्रवाल ने बताया कि नगर निगम की ओर से डेंगू/मलेरिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों से शहरवासियों को बचाने के लिए विशेष अभियान जारी है। अभियान के तहत जिला मजिस्ट्रेट आदेश की पालना में नगर निगम की ओर से लोगों को बताया गया है कि वे अपने घर-ऑफिस या दुकान के आस-पास के परिसर में पानी जमा ना होने दें। जमा पानी में लार्वा पाये जाने पर उनके विरुद्ध 500 रुपए के अर्थदण्ड आरोपण की कार्रवाई की जाएगी। जयपुर शहर में नगर निगम की ओर से गठित टीमों ने 45 व्यक्तियों के विरुद्ध अर्थदण्ड की कार्रवाई की है।

प्रत्येक वार्ड में दो बार होनी है फोगिंग
नगर निगम के तय शेड्यूल के मुताबिक 1 सितम्बर से फोगिंग शुरू होनी थी, लेकिन अब तक शहर में मच्छरमार दवा का छिड़काव शुरू नहीं हो पाया है। निगम ने पिछले साल 2 व्हीकल माउंटेड फोगिंग मशीन और 7 पोर्टेबल फोगिंग मशीनों का बेड़ा तैयार किया था। इन मशीनों से शहर के प्रत्येक वार्ड में दो पारियों में सुबह 9 से 12 बजे और शाम को 4 से 7 बजे तक फोगिंग करने की योजना बनाई थी। निगम प्रशासन ने इस बार भी 1 सितम्बर से पूरे शहर में फोगिंग करने का दावा किया था।

 

 

 

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