फिर बाहर आया 'मीणा-मीना' विवाद का ‘जिन्न’! अब डॉ किरोड़ी बोले- ‘पाणी-पानी की तरह एक ही है मीणा-मीना’

अभ्यर्थी के नियुक्ति आदेश जारी नहीं होने ने पकड़ा तूल, सांसद और विधायक जता रहे विरोध, गुर्जर नेता भी आये समर्थन में, कनिष्ठ सहायक भर्ती परीक्षा 2018 से जुडा है मामला, आवेदन में ‘मीणा’, जाती प्रमाण पत्र में ‘मीना’ उपनाम से गफलत

 

By: nakul

Published: 10 Jul 2020, 11:27 AM IST

जयपुर

अनुसूचित जनजाति में 'मीणा और मीना' का थमा विवाद एक बार फिर अचानक से गरमा गया है। इस बार विवाद गहराने का कारण बना है कनिष्ठ सहायक भर्ती परीक्षा 2018 में चयनित एक अभ्यर्थी को नियुक्ति नहीं देने का प्रकरण। ये मामला इतना आगे बढ़ गया है अब इसमें राज्य सभा सांसद से लेकर पूर्व मंत्री और विधायक तक अभ्यर्थी को राहत दिए जाने के लिए सरकार से हस्तक्षेप की अपील कर रहे हैं।

ये है मामला
पाली जिला कलक्टर ने पिछले दिनों कनिष्ठ सहायक भर्ती परीक्षा 2018 में चयनित अभ्यर्थी सुग्रीव मीणा की नियुक्ति को एक आपत्ति जताते हुए रोक दिया। कार्मिक विभाग को लिखे पत्र में कलक्टर ने इस बात पर आपत्ति जताई कि चयनित अभ्यर्थी सुग्रीव मीणा ने आवेदन फार्म में ‘मीणा’ शब्द काम में लिया है, जबकि उसके जाती प्रमाण पत्र में ‘मीना’ दर्शाया गया है। जिला कलक्टर ने आपत्ति दर्ज करवाने के साथ ही कार्मिक विभाग से मूल आवेदन और जाती प्रमाण पत्र में ‘मीणा’ और ‘मीना’ के सन्दर्भ में मार्गदर्शन मांगा है।

सांसद किरोड़ी भी उतरे मैदान में, दी ये दलील
राज्य सभा सांसद डॉ किरोड़ी लाल मीणा ने एक अभ्यर्थी के नियुक्ति आदेश को उसके नाम में मीणा-मीना शब्द में समानता नहीं होने का हवाला देते हुए जारी नहीं करने को गंभीर माना है। उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया में गहलोत सरकार को एक अनूठा उदाहरण दिया है।

उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा, ‘मुख्यमंत्री जी कनिष्ठ सहायक भर्ती परीक्षा में चयनित सुग्रीव मीणा की नियुक्ति मीणा/मीना शाब्दिक विभेद के कारण रोक दी गई है। जिस तरह पाणी/पानी एक है वैसे ही मीणा/मीना भी एक है। ना/णा के भेद के कारण जाति नही बदलती है इसलिए इस मुद्दे पर आप संज्ञान लेकर कड़े निर्देश जारी करें।

इधर दौसा विधायक मुरारी मीणा ने भी इस सम्बन्ध में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखा है। उन्होंने लिखा, ‘मीणा-मीना विवाद पर सरकार कई बार दिशा-निर्देश जारी कर चुकी है जिसके बावजूद भी कनिष्ठ सहायक भर्ती परीक्षा 2018 में चयनित अभ्यर्थी सुग्रीव मीणा की नियुक्ति पर पाली जिला कलेक्टर द्वारा रोक लगाना निंदनीय है। राज्य सरकार को ऐसी हरकत करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही करनी चाहिए।'

गुर्जर नेता भी कर रहे पैरवी
वहीं, गुर्जर नेता हिम्मत सिंह गुर्जर ने भी मीणा-मीना के एक होने की पैरवी की है। उन्होंने कहा, ‘मैं #मीणा_मीना_एक_है का समर्थन करता हूँ। इसपर आपत्ति किसी जाति या धर्म को नहीं हैं, आपत्ति सिर्फ़ समता आन्दोलन समिति को रही है। मीना-मीणा विवाद असली जड़ समता आन्दोलन समिति रही है। मेरा मीना-मीणा समाज के समाजिक व राजनैतिक कार्यकर्ताओं से निवेदन हैं कि समता आन्दोलन समिति के ख़िलाफ़ मुहिम चलायें।‘

nakul Desk
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