इनके पैशन ने लाई कंप्यूटर में नई क्रांति

27 साल की उम्र में ही वे सबसे कम उम्र के सीईओ बने और उनकी कंपनी को फॉच्र्यून 500 में जगह मिली। यह व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि दुनिया की जानी-मानी कंप्यूटर कंपनी ‘डेल टेक्नोलॉजी’ के संस्थापक माइकल डेल हैं।

By: Archana Kumawat

Published: 18 Apr 2020, 06:27 PM IST

अमरीका के ह्यूस्टन शहर में इस व्यक्ति का जन्म हुआ। परिवार आर्थिक रूप से मजबूत था। पिता दांतों के डॉक्टर तो मां स्टॉकब्रोकर थी। घर में सीखने का माहौल अच्छा था। परिवार के माहौल ने उन्हें जिज्ञासु भी बना दिया था। वह अपनी मां से बहुत सवाल किया करत थे, इसी कारण बचपन में इंवेस्टमेंट का गुण सीख गए थे। जिज्ञासु प्रवृत्ति होने के कारण वह सामान्य बच्चों की तुलना में सीखने में अधिक समय व्यतीत करने लगे थे। मां से मिली शिक्षा का असर इतना हुआ कि 10 साल की उम्र में ही उन्होंने अपनी पॉकेट मनी को इंवेस्ट करना शुरू कर दिया। बचपन में ही पैसे कमाने का ऐसा चस्का लगा कि वे अब डाक टिकिट भी बेचने लगे। इस तरह इंवेस्टमेंट और डाक टिकिट बेचकर जो राशि कमाई, वह दो साल में ही 2000 डॉलर तक पहुंच गई। अब धीरे-धीरे पैसे बढ़ाने लगे। अब शेयर और मेटल्स में भी पैसे इंवेस्ट करने लगे। इस तरह उन्हें पूरे साल में 18 हजार डॉलर का प्रोफिट हुआ। यह पैसा उनके स्कूल टीचर की वार्षिक इनकम से भी ज्यादा था। छोटी उम्र में ही वे अच्छे इंवेस्टर के रूप में उभर रहे थे।
कंप्यूटर ने दी जीवन को नई दिशा
बेटे की काबिलियत और जिज्ञासा को देखते हुए माता-पिता ने उन्हें 15 साल की उम्र में एक कंप्यूटर गिफ्ट किया। कंप्यूटर के माध्यम से वे अपने सवाले के जवाब ही नहीं खोजा करते थे, बल्कि यह भी जानने की कोशिश में लग गए कि आखिर ये काम कैसे करता है। वे कंप्यूटर के अंदरूनी पाट्र्स को समझने में लग गए। इसी के चलते उन्होंने कंप्यूटर को खोल दिया और उसके पुर्जो के काम करने पर ध्यान देने लगे। कंप्यूटर से उन्हें इतना ज्यादा लगाव हो गया कि वे दिनचर्या का अधिकांश समय कंप्यूटर के साथ ही बिताने लगे।
कॉलेज के दिनों में किया प्रयोग
माता-पिता के कहने पर उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास में बायोलॉजी में प्रवेश लिया। माता-पिता चाहते थे कि बेटा बड़ा होकर डॉक्टर बनें लेकिन उनके सपने तो कुछ ओर ही थे। उनका मन बायोलॉजी में बिल्कुल नहीं लगता था। इन्होंने कंप्यूटर से जुडे पुर्जों को एकत्रित किया और अपने लिए अलग कंप्यूटर बनाया। इस तरह उन्होंने कुछ कंप्यूटर तैयार किए और उन्हें कॉलेज स्टूडेंट्स में ही बेचना शुरू कर दिया। यह असेंबल कंप्यूटर कंपनी के कंप्यूटर की तुलना में सस्ते थे। कंप्यूटर के निर्माण में इतना मजा आने लगा कि बायोलॉजी की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी।
शुरू की अपनी कंपनी
बीच में ही पढ़ाई छोडऩा माता-पिता को अच्छा नहीं लगा लेकिन वे समझ गए थे कि उनके बेटे का मन सिर्फ कंप्यूटर में ही लगता है। इस तरह 1984 में उन्होंने पीसी’ज लिमिटेड के नाम से कंपनी शुरू की। कुछ ही महीनों बाद कंपनी का नाम बदल दिया गया। उनके काम करने का तरीका लोगों को खूब पसंद आया और धीरे-धीरे कारोबार बढऩे लगा। 27 साल की उम्र में ही वे सबसे कम उम्र के सीईओ बने और उनकी कंपनी को फॉच्र्यून 500 में जगह मिली। यह व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि दुनिया की जानी-मानी कंप्यूटर कंपनी ‘डेल टेक्नोलॉजी’ के संस्थापक माइकल डेल हैं। आज इनकी कंपनी दुनिया की सबसे बड़ी टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर में से एक है।

Archana Kumawat Desk
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