कैटेगरी की तुलना में मिडकैप फंड में बेहतर रिटर्न

हाल के समय में लॉर्ज कैप शेयरों ( large-cap stocks ) के चलने के बाद अब मिड कैप स्टॉक ( Mid-cap stocks ) चल रहे हैं। पिछले तीन महीनों से मिड कैप स्टॉक में तेजी देखी जा रही है और इसने अब तक तीन महीनों में 30 प्रतिशत का रिटर्न निवेशकों ( investors ) को दिया है। इस कारण मिड कैप पर फोकस करने वाले म्यूचुअल फंड ( mutual funds ) की स्कीम में भी अच्छा रिटर्न मिल रहा है।

By: Narendra Kumar Solanki

Published: 25 Aug 2020, 03:50 PM IST

जयपुर। हाल के समय में लॉर्ज कैप शेयरों के चलने के बाद अब मिड कैप स्टॉक चल रहे हैं। पिछले तीन महीनों से मिड कैप स्टॉक में तेजी देखी जा रही है और इसने अब तक तीन महीनों में 30 प्रतिशत का रिटर्न निवेशकों को दिया है। इस कारण मिड कैप पर फोकस करने वाले म्यूचुअल फंड की स्कीम में भी अच्छा रिटर्न मिल रहा है।
बेंचमार्क की तुलना में इन्वेस्को इंडिया मिड कैप ने अच्छा लाभ निवेशकों को दिया है। अप्रेल 2007 में इस फंड को लॉन्च किया गया था। जुलाई 2020 में इस फंड का एयूएम 875 करोड़ रुपए रहा है। तीन साल पहले यह 173 करोड़ रुपए था। इस स्कीम के निवेश का उद्देश्य मिड कैप में निवेश कर पूंजी में वृद्धि करना है।
इस फंड का लगातार आउट परफॉर्म इसके बेंचमार्क निफ्टी मिड कैप 100 टीआरआई तुलना में ज्यादा रहा है। अर्थलाभ डॉटकॉम के आंकड़े बताते हैं कि अगर किसी ने 10 हजार रुपए 19 अप्रेल 2007 को इसमें निवेश किया होगा, तो यह 31 जुलाई 2020 को 49,510 रुपए हो गया है। यानी सालाना 12.79 प्रतिशत का रिटर्न इस फंड ने दिया है। इसी अवधि में इस फंड बेंचमार्क में यह राशि 37,657 रुपए (10.07) हो गई होगी।
अर्थलाभ के आंकड़ों के अनुसार अगर किसी निवेशक ने अनुशासित तरीके से एसआईपी के तहत निवेश किया होगा तो भी उसे अच्छा रिटर्न मिला है। एसआईपी के तहत आप नियमित रूप से एक तय निवेश कर सकते हैं। अगर किसी ने मासिक 10 हजार रुपए पिछले दस सालों से निवेश किया होगा तो 31 जुलाई 2020 तक इसका सालाना रिटर्न 13.41 प्रतिशत रहा है।, जबकि बेंचमार्क में 7.86 प्रतिशत का रिटर्न रहा है। इस तरह से एकमुश्त और एसआईपी दोनों तरीके से किए गए निवेश में निवेशकों को इस फंड में बेंचमार्क की तुलना में बेहतर रिटर्न मिला होगा।
पिछले तीन सालों से इस फंड ने मिड कैप स्टॉक में ही मुख्य रूप से निवेश किया है। इसका औसत एक्सपोजर मिड कैप में 65 प्रतिशत ऊपर रहा है। इसका निवेश फार्मा में 10.26 प्रतिशत, ऑटो एंसिलियरी में 10.26, कंज्यूमर ड्यूरेबल में 9.91, फाइनेंस में 7.77, ऑटो में 5.76, गैस में 5.68, सॉफ्टवेयर में 5.60, फर्टिलाइजर्स में 4.21, बैंक में 4.03, हेल्थकेयर सर्विसेस में 3.31 प्रतिशत रहा है।

Narendra Kumar Solanki Desk
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