85 हजार से ई—पास और ई—एनओसी पैंडिंग

गृह विभाग और कलक्टरों का लापरवाह रवैया आया सामने

By: PUNEET SHARMA

Published: 10 May 2020, 07:47 PM IST

85 हजार से ई—पास और ई—एनओसी पैंडिंग

गृह विभाग और कलक्टरों का लापरवाह रवैया आया सामने

स्वंय के वाहनों से अन्य राज्यों में जाने वाले लोग नहीं जा पा रहे
जयपुर।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत प्रदेश के विभिन्न जिलों में किसी भी कारण से लॉकडाउन में फंसे अन्य राज्यों के लोगों को ई—पास और ईएनओसी जारी करने के आदेश गृह विभाग और कलक्टरों को दे चुके हैं। लेकिन न तो गृह विभाग और न ही जिलों के कलक्टर मुख्यमंत्री के इस आदेश को लेकर गंभीर हैं। स्थिति ऐसी है कि रविवार तक सभी 33 जिलों में ई—पास और ई—एनओसी के लिए 85 हजार से ज्यादा आवेदन पेंडिंग हैं। जानकारों का मानना है कि ई—पास और ई—एनओसी जारी करने की गृह विभाग और कलक्टरों की इस कछुआ चाल से सोमवार सुबह तक पैंडेंसी में इजाफा हो सकता है।
ये है जिलेवार टॉप दस जिलों में पैंडिंग की स्थिति
जालोर—9250
जयपुर—8610
पाली—7121
जोधपुर—6948
बाडमेर—5250
अलवर—4980
नागौर—4800
अजमेर—4663
उदयपुर—3911
कोटा—3629
19 जिलों में सर्वाधिक लोग फंसे
राज्य सरकार की ओर से जिलेवार एकत्रित की गई सूचनाओ के अनुसार जयपुर,जालोर समेत प्रदेश के 19 जिले ऐसे हैं जहां सर्वाधिक लोग फंसे हुए हैं। आवेदनकर्ताओं के पास स्वंय के वाहन हैं। लेकिन इनको पास जारी नहीं हो रहे हैं।
महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश की पेंडेंसी सबसे ज्यादा
जानकारी के अनुसार प्रदेश ई—पास और ई—एनओसी के लिए सबसे ज्यादा पेंडेंसी महाराष्ट्र के लिए है। जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र के 14250 से ज्यादा आवेदन पैंडिंग हैं। इसी तरह उत्तर प्रदेश के 12419 आवेदन हैं तो मध्य प्रदेश के 11610 आवेदन ई—पास और ई—एनओसी के लिए पैंडिंग हैं।

PUNEET SHARMA Reporting
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