आने वाले वर्षों में महिलाओं की स्थिति में होगा सकारात्मक परिवर्तन - भूपेश

- पिंक सप्ताह के तहत महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री ममता भूपेश से खास बातचीत

By: Jaya Gupta

Published: 07 Mar 2020, 10:00 PM IST


जयपुर। प्रदेश में आज भी महिला साक्षरता दर अन्य राज्यों की तुलना में कम है। महिला अपराध के मामले राजस्थान अग्रणी राज्य है। महिलाओं का सशक्तिकरण करने, महिला अपराध कम करने की जिम्मेदारी यूं तो पूरे कैबिनेट की है, लेकिन महिलाओं से जुड़े हुए विभाग का जिम्मा है एक महिला मंत्री पर। महिला दिवस पर आज पढि़ए महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री ममता भूपेश से खास बातचीत -

प्र. मंत्री बने एक साल हो चुका है, महिलाओं की स्थिति सुधारने के लिए क्या किया?
उ. राजस्थान को रुढिवादी राज्य कहा जाता था। सबसे पहली जरुरत है महिलाओं के सशक्तिकरण की। हमने आई एम शक्ति (इंदिरा शक्ति) निधि एक हजार करोड़ रुपए की बनाई। इस निधि के तहत कौशल व विकास के माध्यम से कम्प्यूटर शिक्षा दिलवा रहे हैं। महिलाओं को एक करोड़ रुपए तक का लोन बिजनेस व स्टार्टअप के लिए दे रहे हैं। इस निधि से जो कार्य होंगे, उससे आने वाले वर्ष में मजबूत होती महिलाएं दिखेंगी। महिलाओं व बच्चियों की स्थिति में सुधार हुआ है। एक हजार लड़कों के अनुपात में अब 942 लड़कियां हैं। हम सेल्फ डिफेंस की क्लासेज चला रहे हैं। अभी हमने 250 लड़कियों को प्रशिक्षण दिया है। जिला व ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण देंगे।

प्र. ड्राप आउट बालिकाओं के लिए सरकार की क्या योजना है?
उ. ड्राप आउट के लिए आईएम शक्ति निधि में प्रावधान है। लड़कियों को पुन: स्कूल-कॉलेज से जोड़कर सरकार उनकी फीस जमा करवाएगी। इतना ही नहीं हर स्तर पर सहयोग करेंगे।

प्र. सदन के भीतर महिला विधायक महिलाओं के मुद्दों पर किस तरह से चर्चा करती है?
उ. महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए पार्टी लाइन से उपर उठकर हम सभी महिला विधायक एक हैं। महिलाओं को लेकर हम काफी चर्चा भी करते हैं। सरकार के अलावा भी हम सभी जनप्रतिनिधि हैं। सभी मिलकर राजस्थान में सुरक्षित वातावरण बनाना चाहते हैं। भ्रूण हत्या, अपराध आदि पर काफी चर्चा होती है।

प्र. मुख्यमंत्री सहित 25 मंत्री सरकार में हैं। आप इकलौती महिला मंत्री है। महिलाओं का प्रतिनिधित्व कम हीं है?
उ. निश्चित तौर पर और भी महिला को मंत्री बनाया जाना चाहिए। कांग्रेस के पिछले कार्यकाल में तीन महिला मंत्री थी। इस बार भी प्रतिनिधित्व बढऩा चाहिए।

प्र. अक्सर देखने में आता है कि महिलाओं को बड़े विभागों की जिम्मेदारी नहीं दी जाती। क्या यह सही है?
उ. ऐसा नहीं है। कमला बेनीवाल, बीना काक, गिरिजा व्यास के पास बड़े महकमों की जिम्मेदारी थी। देश को पहली महिला प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति दी कांग्रेस ने ही दी थी। हमारी पार्टी में महिलाओं को उचित स्थान दिया जाता है।

प्र. .. तो फिर विस व लोस में 33 प्रतिशत आरक्षण क्यों लागू नहीं किया जाता?
उ. पिछले बजट सत्र में ही सरकार ने यह प्रस्ताव पास करके केंद्र सरकार को भेजा था। मैनें ही सदन में इस प्रस्ताव को पढ़ा था। अब केंद्र सरकार को इस पर बिल लाना होगा। केंद्र सरकार बहुमत है, फिर बिल क्यों नहीं लेकर आते। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने पंचायती राज में महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान किया था, इसी कारण आज महिलाओं की स्थिति में सुधार हुआ है।

प्र. प्रदेश की महिलाओं को क्या संदेश देना चाहेंगी?
उ. मैं चाहती हूं कि आने वाले समय में राजस्थान की प्रगति में महिलाओं का स्थान बड़े स्तर पर दिखाई दे। महिलाओं का सम्मान बढ़े, आत्मनिर्भर बने। इसीलिए मेरी अपील है कि वे आई एम शक्ति योजना से जुड़े और अपने साथ प्रदेश का भी नाम रोशन करें।
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Jaya Gupta Reporting
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