केंद्र सरकार की लापरवाही, सड़कों पर पैदल चलने को है मजबूर- खाचरियावास

भूख दर्द और आर्थिक मार से परेशान मजदूर की परेशानी को समझने में केंद्र सरकार ने इतनी देर कर दी की करोड़ों मजदूर सड़कों एवं रेल पटरियों पर पैदल चल रहे हैं।

By: surendra kumar samariya

Published: 10 May 2020, 09:28 PM IST

राहुल सिंह, जयपुर

परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि केंद्र सरकार की लापरवाही और गलत नीतियों के कारण देश के करोड़ों मजदूर इस तपती धूप में सड़कों पर पैदल पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं। भूख दर्द और आर्थिक मार से परेशान मजदूर की परेशानी को समझने में केंद्र सरकार ने इतनी देर कर दी की करोड़ों मजदूर सड़कों एवं रेल पटरियों पर पैदल चल रहे हैं। 15 से अधिक मजदूर पटरियों पर कटकर मर गए। कई जगह मजदूरों ने सड़क पर दम तोड़ दिया लेकिन इसके बावजूद केंद्र सरकार का दिल नहीं पसीजा। इस वक्त केंद्र सरकार के गोदामों में गेहूं और चावल सड़ रहा है नई फसल आ चुकी है लेकिन इसके बावजूद राज्य सरकारों का खाद्य सुरक्षा गारंटी कानून में गेहूं का कोटा नहीं बढ़ाया गया।

खाचरियावास ( Pratap Singh Khacriawas ) ने कहा कि इस वक्त केंद्र सरकार को पूरे देश के मजदूर और बेरोजगारों की मदद करने के लिए प्रत्येक राशन कार्ड और आधार कार्ड पर प्रति व्यक्ति 10 किलो गेहूं देना चाहिए और जो भी व्यक्ति गेहूं मांगे उसे गेहूं मिलना चाहिए और साथ ही मजदूर और बेरोजगारों को सीधा ₹10 हजार की आर्थिक सहायता केंद्र सरकार को तुरंत उपलब्ध करानी चाहिए, जिससे मजदूर और बेरोजगारों का जीवन यापन हो सके और उनके दर्द में कुछ कमी आ सके।

खाचरियावास ने कहा कि केंद्र सरकार ( Central government ) को प्रवासी मजदूरों की परेशानियों को दूर करने के लिए स्टेट वाइज अधिकारियों की बड़ी टीम लगाकर दिल्ली में कंट्रोल रूम स्थापित करना चाहिए जिससे कोई भी राज्य बार-बार बॉर्डर सील नहीं करें। राज्यों के झगड़े समाप्त हो, उसके मजदूरों की परेशानी दूर हो सके। अलग-अलग राज्यों में फंसे हुए लोग अपने-अपने घरों पर सुरक्षित पहुंच सकें। इस वक्त जिस संवेदनशीलता के साथ मजदूरों की परेशानी केंद्र सरकार को समझनी थी उस हिसाब से काम नहीं हुआ और परेशानी दिन प्रतिदिन बढ़ती गई।

खाचरियावास ने कहा कि यह वक्त राजनीतिक प्रतिस्पर्धा या पावर आदान-प्रदान का नहीं है दुख और आश्चर्य इस बात का है अपने घरों पर पहुंचने के लिए लोगों को लाइन लगाकर पास के लिए तरसना पड़ रहा है। गरीब आदमी ईपास बनवा नहीं सकता, एप्लीकेशन डाउनलोड कर नहीं सकता और हम जिन आईएएस अधिकारियों के भरोसे काम कर रहे हैं वह कंप्यूटर से बाहर निकलना नहीं चाहते, फोन किसी के उठाना नहीं चाहते तो ऐसे समय में जब पूरे देश में दर्द और परेशानी आई है तो केंद्र सरकार को 4 दिन के लिए प्रवासी मजदूरों के लिए पूरे देश में सोशल डिस्पेंसिंग के साथ ट्रेनें चला देनी चाहिए और पूरे साधन झोंकने चाहिए। केंद्र सरकार का इस दौरान सभी राज्य सरकारों से इतना अच्छा समन्वय होना चाहिए कि प्रवासी मजदूर दर्द और परेशानी से अलग हटकर अपने घर पहुंच सके।

surendra kumar samariya Desk
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