गोतस्करी और गोहत्या को लेकर क्या सोचती है राजस्थान पुलिस जानें

Ankita Sharma

Publish: Sep, 02 2019 03:24:26 PM (IST)

Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

 


सर्वे में सामने आया बड़ा सच
देश के हर तीसरे पुलिसकर्मी ने माना मॉब लिंचिंग को स्वाभाविक
गोहत्या गोतस्करी को लेकर पूछे 21 राज्यों के पुलिसकर्मियों से सवाल
21 राज्यों के 11,834 पुलिसकर्मियों से विभिन्न अपराधों पर ली राय

मॉब लिंचिंग इन दो शब्दों में पिछले दिनों राजस्थान ही नहीं देशभर में बवाल मचाया। राजस्थान में पहलू खान और रकबर खान मॉब लिंचिंग मामले में प्रदेश की देशभर में किरकिरी हुई। जिसके बाद राजस्थान सरकार अब इस पर कानून बनाने की तैयारी में है। लेकिन इन कवायदों के बीच राजस्थान पुलिस के 45 प्रतिशत पुलिसकर्मियों का मानना है गोतस्करी को लेकर होने वाली मॉब लिंचिंग स्वाभाविक है। इतना ही नहीं देश के हर तीसरे पुलिसकर्मी का भी यही मानना है कि गोतस्करी के आरोपों के बीच मॉब लिंचिंग लोगों की काफी हद तक स्वाभाविक प्रतिक्रिया है। हाल ही में हुए एक सर्वे में ये आंकड़ा सामने आया है। देश में साल 2012 से लेकर अब तक गोतस्करी के दौरान हिंसा के कुल 133 मामले दर्ज हुए हैं, जिनमें से 28 प्रतिशत मामलों में पुलिस ने पीडि़त पर तस्करी के आरोप में मामले दर्ज किए हैं।

ये सर्वे कॉमन कॉज और लोकनीति सेंटर फॉर द स्टडी डवलपिंग सोसायटी की ओर से द स्टेटस आफ पुलिसिंग इन इंडिया रिपोर्ट 2019 के तहत किया गया है। पिछले दिनों सामने आई इस रिपोर्ट में कई खुलासे हुए हैं। सर्वे में इस साल फरवरी से अप्रैल माह के बीच इक्कीस राज्यों के 105 स्थानों पर जाकर 11,834 पुलिसकर्मियों से विभिन्न अपराधों पर राय ली गई।

सर्वे में पूछा गया कि आपकी राय में गोहत्या के मामले में भीड़ को आरोपितयों को दंडित करना किस हद तक स्वाभाविक है। इसमें चार विकल्प दिए गएकृ बहुत हद तकए कुछ हद तकए शायद ही कभी और बिल्कुल नहीं। सर्वे में 15 प्रतिशत पुलिसकर्मियों ने कहा कि उन्हें लगता है कि गोहत्या पर हिंसा काफी हद तक स्वाभाविक है। वहीं 20 प्रतिशत का मानना है कि कुछ हद तक प्राकृतिक है। हालांकि 16 प्रतिशत पुलिसकर्मियों ने शायद ही का विकल्प चुना और 46 प्रतिशत ने बिल्कुल नहीं का विकल्प चुना।

राजस्थान छठे नंबर पर

पिछले दिनों राजस्थान में मॉब लिंचिंग के मामलों को लेकर काफी बवाल मचा। पहलू खान और रकबर इन दोनों की मामलों ने देशभर में सुर्खियां बंटोरीं। इसके बाद भी मॉब लिंचिंग के दो मामला और सामने आए। इसके बाद भी सर्वे में राजस्थान के 45 प्रतिशत पुलिसकर्मियों ने माना की गोतस्करी या गो हत्या के दौरान लॉब लिंचिंग स्वाभाविक है। इसी के साथ इस सूची में राजस्थान छठे स्थान पर है। हालांकि ऐसा मामने वालों में झारखंड पुलिस सबसे आगे है। झारखंड में 66 प्रतिशत पुलिसकर्मियों ने कहा कि गोतस्करी की घटनाओं में हिंसा काफी हद तक या कुछ हद तक स्वाभाविक थी। इसके बाद मध्य प्रदेश में 63 प्रतिशत कर्मियों ने ऐसा सोचाए कर्नाटक में जहां 57 प्रतिशत पुलिसकर्मी इस सोच के साथ दिखे। वहीं आंध्र प्रदेश ने जहां 52 प्रतिशत पुलिसवालों ने इसे स्वाभाविक बताया।

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