मॉडिफाइड लॉक डाउन : त्रिस्तरीय फार्मूले पर घूमेगा उद्योगों का पहिया

देश में प्रथम चरण के लॉकडाउन के दौरान ही सरकार ने आवश्यक वस्तुओं का उत्पादन कर रही उद्योग इकाइयों समेत अन्य जरूरी उद्योगों को संचालन की सशर्त अनुमति देना शुरू कर दिया था, लेकिन मॉडिफाई लॉकडाउन में अब उद्योग विभाग त्रिस्तरीय फार्मूले के तहत अन्य उद्योगों को भी फिर से शुरू करने की कवायद में जुटा है...

By: dinesh

Published: 18 Apr 2020, 12:29 PM IST

जयपुर। प्रदेश में प्रथम चरण के लॉकडाउन के दौरान ही सरकार ने आवश्यक वस्तुओं का उत्पादन कर रही उद्योग इकाइयों समेत अन्य जरूरी उद्योगों को संचालन की सशर्त अनुमति देना शुरू कर दिया था, लेकिन मॉडिफाई लॉकडाउन में अब उद्योग विभाग त्रिस्तरीय फार्मूले के तहत अन्य उद्योगों को भी फिर से शुरू करने की कवायद में जुटा है। हालांकि नए लॉकडाउन में भी दो अनिवार्य शर्तें हर प्रकार के उद्योग पर समान रूप से लागू होंगी।

पहली यह कि सभी इकाइयों में सकारात्मक सभी कार्यों में सरकार की ओर से जारी कोविड-19 गाइडलाइन की पालना करनी ही होगी। इसके अलावा ऐसे किसी भी क्षेत्र में उद्योग संचालन की अनुमति नहीं मिलेगी, जहां प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की रोक लगाई गई हो।

बाहर से श्रमिक लाते हैं तो लेनी होगी अनुमति
पहली श्रेणी उन उद्योगों की है जो नगर निगम, नगर परिषदों की सीमा से बाहर यानी ग्रामीण क्षेत्रों में है। अगर उधमी बाहर से श्रमिक नहीं लाता और गाइडलाइन की पालना करता है तो मॉडिफाइड लॉकडाउन के दौरान अपना उद्यम शुरू करने के लिए उसे किसी भी अनुमति की जरूरत नहीं होगी।

दूसरी श्रेणी में शहरी क्षेत्रों के औद्योगिक क्षेत्रों में उन उद्योगों को खोलने पर विचार चल रहा है जिनके पास स्वयं के श्रमिक है। ऐसे में उन्हें भी किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं है, लेकिन यदि श्रमिक बाहर से लाने हैं तो सरकार के निर्धारित अनुमति की जरूरत होगी।

तीसरी श्रेणी ऐसे उद्योगों की है जो ग्रामीण क्षेत्र और रीको एरिया दोनों में ही नहीं है, लेकिन वह आवश्यक वस्तु उत्पादन की श्रेणी में आते हैं ऐसे उद्योगों को भी संचालित किया जा सकेगा। बशर्ते यदि वह बाहर से श्रमिक लाता है तो उसे निर्धारित अनुमति लेनी होगी। इन श्रमिकों को गाइडलाइन के मुताबिक कार्य सुनिश्चित कराया जाएगा।

उद्योगों के संचालन के लिए विभाग की पूरी तैयारी है। जो उद्योग छूट की श्रेणी में शामिल है उन्हें किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी। डॉक्टर सुबोध अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव, उद्योग विभाग

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