जयपुर

पूर्व आईएएस अशोक सिंघवी ने अदालत में किया सरेंडर

2.55 करोड़ का खान महाघूसकांड
मनी लॉन्ड्रिंग केस

जयपुरJun 01, 2020 / 08:30 pm

Devendra Sharma


जयपुर। खान घूसकांड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोपी पूर्व आइएएस अशोक सिंघवी ने सोमवार को अदालत में सरेंडर कर दिया। ईडी मामलों की विशेष अदालत में सरेंडर के बाद विशिष्ट लोक अभियोजक जितेन्द्र सिंह पूनिया ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में लेने का आग्रह किया। अदालत ने उन्हें 15 जून तक न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
सिंघवी ने अदालत में सुबह करीब सवा 11 बजे सरेंडर किया। अदालत में सिंघवी को प्यास लगी तो उनके साथ आए व्यक्ति ने बाहर से पानी की बोतल खरीद कर दी। यह देख पीठासीन अधिकारी ने कहा कि बाहर के पानी की जरूरत नहीं है, यह अब न्यायिक अभिरक्षा में है। उन्होंने कर्मचारी को पानी पिलाने के लिए कहा। अदालत में पर्याप्त पुलिस जाप्ता न होने के कारण सिंघवी को आधे घंटे इंतजार करना पड़ा और फिर लाइन से जाप्ता आने पर जेसी भेजा।
सिंघवी के अधिवक्ता दीपक चौहान ने सरेंडर प्रार्थना पत्र में अदालत को बताया कि अस्वस्थता के चलते वह पेश नहीं हो सके थे। अदालत ने हाजिरी माफी अस्वीकार कर 21 सितंबर 2019 को उसकी जमानत जब्त की थी। बाद में लॉक डाउन होने के कारण वह कोर्ट में उपस्थित नहीं हो पाया। अब लॉक डाउन हट गया है और बिना देरी किए सरेंडर कर दिया।
वहीं, जमानत अर्जी में सिंघवी ने कहा कि उसे केस में झूठा फंसाया है और सह आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। मामले में अनुसंधान हो गया है और उसने अनुसंधान में कोई रुकावट पैदा नहीं की है। वह सीनियर सीटिजन है और कई बीमारियों से ग्रसित है। यदि जेल भेजेंगे तो कोरोना बीमारी होने की भी संभावना है। इसलिए उसे जमानत पर रिहा किया जाए। अर्जी पर अदालत मंगलवार को सुनवाई करेगी।
यह था मामला:-
करीब 2.55 करोड़ रुपए के खान महाघूस कांड में एसीबी ने अशोक सिघवी को 16 सितंबर, 2015 को गिरफ्तार किया था। सिंघवी को अप्रैल, 2016 में जोधपुर हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। घूस कांड की उपरोक्त राशि को लेकर ईडी ने भी 30 नवंबर, 2015 को परिवाद दर्ज किया था और जांच के बाद 16 जुलाई, 2018 को अदालत में सिघवी सहित अन्य आठ अभियुक्तों के खिलाफ ईडी स्पेशल कोर्ट में परिवाद पेश किया। कोर्ट ने 21 जनवरी, 2019 को प्रसंज्ञान लेकर सभी आठों अभियुक्तों को गिरफ्तारी वारंट से तलब किया। एसीबी प्रकरण में हाजिर नहीं होने पर उक्त प्रकरण में अभियुक्तों की जमानतें भी जब्त हो गई और उसमें भी गिरफ्तारी वारंट जारी हो गए थे। सिंघवी की 15 फरवरी, 2020 को ईडी कोर्ट से अग्रिम जमानत अर्जी भी खारिज हो गई। भगोड़े घोषित होने एवं कहीं से भी राहत नहीं मिलने पर आखिरकार सिघवी ने सोमवार को अदालत में सरेंडर किया।

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