मंत्री हरीश चौधरी बोले: 'राजस्थान में नेतृत्व परिवर्तन का सवाल ही नहीं, 100 से ज्यादा विधायक गहलोत के पक्ष में'

हरीश चौधरी ने कहा, पंजाब और राजस्थान का मामला अलग अलग,पंजाब में कांग्रेस विधायक चाहते थे नेतृत्व परिवर्तन,मंत्रिमंडल फेरबदल कब होगा यह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार

 

By: firoz shaifi

Published: 27 Sep 2021, 06:54 PM IST

फिरोज सैफी/जयपुर।

प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चल रही अटकलों के बीच राजस्व मंत्री और राहुल गांधी के बेहद करीबी माने जाने वाले हरीश चौधरी का बड़ा बयान सामने आया हैं। हरीश चौधरी का कहना है कि राजस्थान में नेतृत्व परिवर्तन का सवाल ही नहीं उठता है, राजस्थान में 100 से ज्यादा विधायक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पक्ष में है। इसलिए नेतृत्व बदलाव का सवाल कोई मायने नहीं रखता है।

हरीश चौधरी ने सोमवार को अपने आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद कोरोना का दो बार लगातार शानदार प्रबंधन किया था। जिसकी तारीफ विश्व के कई देशों में भी हुई थी। केंद्र की मोदी सरकार ने भी मुख्यमंत्री गहलोत की पीठ थपथपाई थी।

मंत्रिमंडल फेरबदल मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार

प्रदेश की गहलोत सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल के सवाल पर हरीश चौधरी ने कहा कि मंत्रिमंडल फेरबदल और विस्तार कब होगा,किसे मंत्रिमंडल फेरबदल और विस्तार में लिया जाएगा किस से बाहर रखा जाएगा यह फैसला सिर्फ और सिर्फ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का विशेषाधिकार है।

मुख्यमंत्री ने मुझे कैबिनेट में लिया है, कल को किसी और को लेंगे। यह उनका अधिकार है उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की तबीयत अभी नासाज है। जब मुख्यमंत्री की तबीयत ठीक हो जाएगी तो वह दिल्ली जाकर कांग्रेस आलाकमान से चर्चा करके मंत्रिमंडल फेरबदल और विस्तार करने का फैसला लेंगे।

राजस्थान में कोई खेमेबाजी नहीं
हरीश चौधरी ने कहा कि राजस्थान में कोई खेमेबाजी नहीं है, लेकिन सब के मत अलग-अलग हो सकते हैं और सबको अपनी बात लोकतांत्रिक तरीके से रखने का अधिकार है। कांग्रेस पार्टी में वैसे भी आंतरिक लोकतंत्र है और सब अपनी बात रख सकते हैं।

पंजाब में विधायक चाहते थे नेतृत्व परिवर्तन
हरीश चौधरी ने कहा कि पंजाब में पंजाब कांग्रेस के विधायक की नेतृत्व परिवर्तन चाहते थे। इसके लिए उन्होंने प्रदेश प्रभारी से विधायक दल की बैठक बुलाने को कहा था। कांग्रेस आलाकमान की मंजूरी के बाद विधायक दल की बैठक बुलाई गई थी मैं भी पर्यवेक्षक के तौर पर विधायक दल की बैठक में शामिल हुआ था।


विधायक दल की बैठक में सभी विधायकों ने कांग्रेस आलाकमान पर अपना फैसला छोड़ा था और कहा था कि सीएम को लेकर जो भी फैसला आलाकमान लेंगे वह सभी को मंजूर होगा। उन्होंने कहा कि मेरी पंजाब में सीमित भूमिका थी कांग्रेस आलाकमान ने मुझे पर्यवेक्षक बनाकर वहां भेजा था। बाकी और कोई बड़ा रोल मेरा नहीं था।

पंजाब में ऐतिहासिक फैसला हुआ
पंजाब में नेतृत्व परिवर्तन को ऐतिहासिक फैसला बताते हुए हरीश चौधरी ने कहा कि पंजाब में कांग्रेस आलाकमान ने एक ऐसे व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाया है जिसके जन्म पर घर पर छत भी नहीं थी । यह कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी और सोनिया गांधी की सोच थी की पहली बार पंजाब में कोई दलित मुख्यमंत्री बना है बहुत जल्द ही इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे, उन्होंने दावा किया कि पंजाब में फिर से कांग्रेस पार्टी की सरकार बनेगी।

कमलेश प्रजापति एनकाउंटर मामले में जीत सच की होगी
इधर कमलेश प्रजापति एनकाउंटर मामले को लेकर राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने कहा की इस मामले में सत्य की जीत होगी। मुझे न्याय पर पूरा भरोसा है जो सच होगा वह सामने आएगा। किसी भी पुलिस अधिकारी या किसी से मेरी बात हुई है या नहीं यह भी सच सामने आएगा। चौधरी ने कहा कि जांच होनी चाहिए यह मैं खुद भी कई बार कह चुका हूं।

firoz shaifi Desk
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