अब कुख्यात बंदियों के बीच रात्रि में ड्यूटी करेंगी साहसिक बेटियां

Rajasthan Police: बंदियों को रात को बैरकों में बंद करने और सुबह बाहर निकालने से पहले तक महिला जेल प्रहरी रहेंगी तैनात, एक क्यूआरटी टीम भी की तैनात, पुरुष बंदियों की संख्या घटने पर सुरक्षा व्यवस्था में किया बदलाव

जयपुर. आज बेटियां किसी से कम नहीं, हर क्षेत्र में नाम रोशन करने वाली बेटियां अब कुख्यात बंदियों के बीच रहकर केन्द्रीय कारागारों में सुरक्षा की कमान संभालेंगी। हालांकि फिलहाल महिला जेल प्रहरियों की ड्यूटी अब केन्द्रीय कारागार में लगाई गई है। फिलहाल रात्रि से सुबह तक इनकी ड्यूटी रहेगी। जेल डीजी एनआरके रेड्डी ने शुक्रवार को ही इस संबंध में एक आदेश जारी किया है।

जेल डीजी ने यह भी आदेश दिया है कि जेल अधिकारी और पुरुष प्रहरी रात्रि 7.45 बजे तक सभी बंदियों को बाड़ों और बैरकों में बंद कर दें। साथ में सुनिश्चित कर लें कि सभी बंदी बंद कर दिए गए हैं। इसके बाद रात 8 बजे से सुबह 4 बजे तक महिला प्रहरी को जेल के अंदर ड्यूटी पर तैनात किया जाए।

महिला प्रहरियों को जेल से बाहर निकलने के बाद ही बंदियों को बाहर निकालने के लिए बाड़े और बैरक खोले जाएं। रात्रि में एक क्यूआरटी टीम जेल गेट पर तैनात रहेगी। क्यूआरटी में इंचार्ज सहित चार पुरुष प्रहरी और एक महिला प्रहरी की ड्यूटी रहेगी। अभी सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को प्रायोगिक तौर पर ड्यूटी में यह बदलाव किया गया है।

2907 पदों में 450 रिक्त

प्रदेश में जेल विभाग में प्रहरियों की संख्या के 2907 पद रिक्त हैं। जबकि 2457 पदों पर इनकी नियुक्ति हैं। विभाग में अधिकत्तर महिला जेल प्रहरियों की नियुक्तियां केन्द्रीय कारागारों पर हुई है। इससे केन्द्रीय कारागारों में महिला प्रहरियों के स्वीकृत पद 33 फीसदी या इससे अधिक तक भर गए हैं और पुरुष बंदियों की संख्या काफी घट गई है। काराकारों में तीन शिफ्ट की ड्यूटी में पुरुष प्रहरियों की उचित संख्या नहीं रही। इसके चलते महिला प्रहरियों से ड्यूटी लेने का निर्णय लिया गया है।

सुरक्षा की तीन शिफ्ट यह

केन्द्रीय कारागारों में सुबह 4 बजे से दोपहर 12 बजे, दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे और रात 8 बजे से सुबह 4 बजे तक जेल प्रहरियों की कैदियों की निगरानी और संदिग्ध सामग्री पर नजर रखने के लिए ड्यूटी लगाई जाती है। दिन वाली ड्यूटी में बंदी और कैदियों के बाड़ों से बाहर रहने का समय होता है। इसके चलते रात्रि में जब बंदियों को बाड़ों में बंद कर दिया जाता है, तब महिला प्रहरियों की ड्यूटी लगाने का निर्णय लिया गया है।

यह दिए आदेश

- महिला प्रहरियों की ड्यूटी के दौरान एक बार एक जेल अधिकारी गश्त सुनिश्चित की जाए
- गेट पर तैनात मुख्य प्रहरी समय-समय पर क्यूआरटी टीम के साथ कारागार के वार्डों की गश्त करेगा
- बंदियों में झगड़ा होने या किसी बंदी के बीमार होने पर क्यूआरटी टीम जेल के अंदर जाएगी और आवश्यक कार्यवाही करेगी
- प्रहरियों की संख्या कम होने पर महिला जेलों से ड्यूटी का रोटेशन किया जाए
- जेल के अंदर ड्यूटी प्रभारी उप कारापाल होगा और कारागार के अंदर ड्यूटी प्रभारी महिला मुख्य प्रहरी होगी

Deepshikha Vashista Desk
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