प्रसूता को ताकत देते हैं सहजन के लड्डू

हाल ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी फिटनेट का राज बताते हुए कहा कि वे हफ्ते में एक या दो बार सहजन के परांठे खाते हैं। तभी से सहजन के प्रयोग की चर्चा तेज हो गई है। असल में सहजन पत्तियां, फल-फूल, जड़ सभी बहुत उपयोगी हैं। जानते हैं इसे आहार में शामिल करने के तरीके-

By: Archana Kumawat

Published: 21 Nov 2020, 09:21 PM IST

मिलेंगे माइक्रो न्यूट्रिएंट्स
सहजन का उपयोग उन दिनों किया जाना चाहिए जब इसमें फूल और फलियां आती हैं। इसके प्रयोग से विटामिन ई, विटामिन ए, कैल्शियम, आयरन, कार्बोहाइड्रेट एवं कई सारे माइक्रो न्यूट्रिएंट्स मिलेंगे।
पत्तियों का पाउडर बना लें
सहजन की पत्तियों को छाया में सुखाकर उसका पाउडर बना लें। बच्चों के लिए २-३ ग्राम और बड़ों को ५-१० ग्राम की मात्रा में सप्ताह में एक या दो बार आहार में शामिल करें। पाउडर को भोजन के साथ पकाएं नहीं।
प्रसूता के लिए लाभकारी
स हजन की पत्तियों की तरह की उसकी फलियों का प्रयोग यदि प्रसूता के लिए किया जाए तो उसके शरीर को ताकत मिलेगी। इसके लिए फलियों को सुखाकर पाउडर बना लिया जाए। पाउडर को आटे के साथ मिलाकर लड्डू बना प्रसूता को खिलाए जा सकते हैं। इसकी जड़ और छाल का प्रयोग औषधि के रूप में किया जाता है। सहजन के प्रयोग से हड्डियों में दर्द, खून की कमी एवं त्वचा संबंधी विकारों को भी दूर किया जा सकता है।

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