आनन फानन में शुरु की मातृ समिति, अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता खुद के पैसे से गेहूं खरीद बांटना पड़ रहा

महिला एवं बाल विकास विभाग का मामला

 

By: Ankit

Published: 24 May 2020, 06:45 PM IST

जयपुर. स्वयं सहायता समूह से एमओयू समाप्त होने पर पोषाहार उपलब्ध करवाने के लिए मातृ समिति का गठन कर दिया। लेकिन लॉकडाउन के चलते समिति का कार्य शुरु नहीं हो पाया। इसका खामियाजा शहर के कई आंगबाड़ी केंद्र पर पंजीकृत बच्चों, धात्री और गर्भवती महिलाओं को उठाना पड़ा। उन्हें अप्रेल माह में पोषाहार का वितरण नहीं हो पाया।

आनन फानन में विभाग ने बिना पूर्व तैयारी के मई माह में मातृ समिति से पोषाहार का कार्य शुरु करवा दिया। अब अल्पमानदेयकर्मी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अपने पैसे से गेहूं खरीदकर पोषाहार वितरण करना पड़ रहा है।

नहीं खुला बैंक खाता

मातृ समिति के लिए विभाग की ओर से बैंक खाता खुलवाना था और उसमें पोषाहार के लिए पूर्व भुगतान करना था। लेकिन लॉकडाउन की वजह से विभाग खाता नहीं खुलवा पाया और भुगतान नहीं हो पाया। इसलिए समिति के पास पोषाहार खरीद की राशि नहीं है। षाहार उपलब्ध करवाने का जिम्मा कार्यकर्ता पर ही है। अल्पमानदेयकर्मी होने के बावजूद कार्यतकर्ता नौकरी जाने के डर से पोषाहार के लिए गेहूं खरीदनें को मजबूर हैं।

उचित मूल्य दुकान से सिर्फ दाल उपलब्ध

विभाग ने आंगनबाड़ी केंद्रों को उचित मूल्य की दुकान से दाल और गेहूं दिलवाने के लिए कहा था। लेकिन उचित मूल्य से केवल दाल ही मुहैया करवाई जा रही है। ऐसे में आंगबाड़ी कार्यकर्ता अपने जेब से पैसा खर्च कर गेहूं खरीद रही हैं।

Ankit Desk
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