एक म्यूजियम जो महामारी की याद दिलाता है

कोरोन वायरस के कारण दुनियाभर में हाहाकार मचा है। दुनियाभर के कई देशों में लोग मौत के मुंह में समा गए हैं। इस महामारी ने एक ऐसे म्यूजियम को चर्चा में ला दिया है जो आज भी महामारी में मरे लोगों के दर्द को बयां करता है।

महामारी के प्रकोप को झेलने वाले लोगों की पीड़ा को बयां करता है मेक्सिको के ग्वानाजुआटो का म्यूजियम ऑफ ममीज। यहां 111 मर्दों, औरतों और बच्चों की ममीफाई की जा चुकी बॉडी रखी है। कुछ तो ऐसे हैें जिनमें लोग चीखते हुए मर गए। उनका मुंह खुला ही है।

इस म्यूजियम में रखी ममीज में बड़ी तादाद में उन लोगों की बॉडी शामिल है जो 1833 में मेक्सिको के गुआनाजुआटो के आसपास महामारी की चपेट में आने से मौत के मुंह में समा गए थे। उस दौरान लोगों के हालात को दर्शाता है यह म्यूजियम। लोग जो चीखते हुए मर गए। मरते वक्त उनके मुंह खुले के खुले ही रह गए। गुआनाजुआटो का वातावरण भी ऐसा था कि इंसानी बॉडी का ममीकरण हो गया। बाद में 1969 में इन ममीज को संग्रहीत कर संग्रहालय का रूप दिया गया। इन ममीज का देखकर रूह कांप जाती है। एक डरावना सा मंजर सामने आता है और दिल धक् धक् करने लगता है।

Chand Sheikh Desk
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