'पिता' आसाराम- 'बेटा' नारायण साईं इसलिए पहनते हैं लाल टोपी, लगाते हैं काजल! राज जानकार चौंक जाएंगे

नहीं जानते तो जान लीजिये, क्यों पहनता है आसाराम और उनका बेटा नारायण लाल टोपी?

By: nakul

Published: 25 Apr 2018, 03:29 PM IST

जयपुर।

जोधपुर की एक अदालत ने गुरूकुल की नाबालिग से यौन शोषण के आरोपी कथा वाचक आसाराम को आजीवन कारावास और उसके दो सेवादारों को 20-20 साल की सजा सुनाई है। अनुसचित जाति एवं जनजाति अधिनियम अदालत के न्यायाधीश मधुसूदन शर्मा ने जेल परिसर में बनाई गई अस्थाई अदालत में आसाराम तथा उसके दो सेवादार शिल्पी और शरतचन्द्र को नाबालिग से यौन शोषण करने का दोषी मानते हुए यह सजा सुनाई है।

 

न्यायाधीश द्वारा दोषी करार देते ही कथा वाचक आसाराम सिर पकड कर बैठ गया और उसी समय वह राम नाम का जाप करने लगा और उम्र कैद की सजा सुनाते ही उसकी आखों में आसूं छलक पडे।

 

अदालत द्वारा दोषी करार देने के बाद सजा के बारे में दोनों पक्षों की ओर से दलील दी गई। आसाराम के अधिवक्ताओं ने उनकी उम्र का हवाला देते हुए कम से कम सजा देने की दलील दी लेकिन अदालत ने इसे नहीं माना। अदालत ने इस प्रकरण में उनके दो सेवादारों शरत चन्द्र और शिल्पी को भी दोषी मानते हुए दोनों को 20-20 साल की सजा सुनाई। जबकि दो अन्य सेवादारों प्रकाश और शिवा को बरी कर दिया।

 

पीडिता के अधिवक्ता ने अदालत में याचिका दाखिल कर एक करोड रुपए मुआवजे की मांग की है। आसाराम के वकील नीलम दुबे ने कहा कि इस फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील की जाएगी।

 

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की शांहजहापुर की एक नाबालिग ने आसाराम पर जोधपुर के आश्रम में यौन उत्पीडन का आरोप लगाया था। वह छिन्दवाडा के गुरूकुल में पढ़ती थी तथा उसे दौरे पडने के नाम पर शिक्षिका ने उसे 13 अगस्त 2013 को जोधपुर के मणाई आश्रम में भेजा गया जहां दो दिन बाद रात्रि दस बजे आसाराम ने उसका यौन शोषण किया। उस समय पीडिता की उम्र 16 वर्ष थी। उसने दिल्ली के कमला मार्केट थाने में यह मामला दर्ज कराया था जिसे बाद में जोधपुर पुलिस को स्थानान्तरित कर दिया गया। पीडिता के पिता भी आसाराम के भक्त थे। आसाराम पर पोक्सो अधिनियम और जुनाईल एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने आसाराम को 31 अगस्त 2013 में मध्यप्रदेश के इंदौर के आश्रम से गिरफ्तार किया था ।


... तो आसाराम और बेटा नारायण पहने रहते हैं लाल टोपी
आसाराम और उनके बेटे नारायण साईं को अक्सर लाल टोपी पहने देखा जाता रहा है। दरअसल, इसके पीछे भी एक राज़ छिपा है। वैसे दोनों पिता-पुत्र पर तंत्र-मंत्र करने के आरोप लंबे समय से लगते रहे हैं। लेकिन उनके एक पूर्व सेवादार और निजी सचिव राहुल सचान ने कुछ साल पहले एक सनसनीखेज खुलासा कर सबको चौंका दिया था।

 

राहुल ने एक न्यूज़ चैनल को दिए इंटरव्यू में बताया था कि आसाराम बापू और उनके बेटे नारायण साईं पहनने के लिए हमेशा लाल रंग की टोपी का इस्तेमाल करते हैं जो काले जादू की प्रतीक है। उसने यह भी कहा कि दोनों आंखों में काजल लगाते है। राहुल का दावा था कि दोनों टोपी और काजल का इस्तेमाल वशीकरण के लिए करते हैं।

 

राहुल ने ये भी दावा किया कि आसाराम और नारायण ने तंत्र-मंत्र पर दो करोड़ रुपये खर्च किए हैं। उन्हें उम्मीद है कि इसके सहारे वह बच जाएंगे और जेल से बाहर आ जाएंगे। राहुल ने कहा कि लांल रंग की टोपी जो आसाराम और नारायण पहनते हैं वह वशीकरण के लिए इस्तेमाल की जात है, जिसपर सवा लाख मंत्रों का जाप किया गया है। आसाराम के इस करीबी ने दावा किया कि आसाराम और नारायण खुद को बचाने के लिए लंबे समय से काले जादू का इस्तेमाल करते रहे हैं।

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