जयपुर नगर निगम का स्वच्छ अभियान कमजोर, राजधानी में कूड़ा हुए कूडेदान

Surendra Kumar Samaria

Publish: Nov, 03 2018 02:58:32 PM (IST) | Updated: Nov, 03 2018 02:58:33 PM (IST)

Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

 

स्वच्छता सर्वेक्षण में टॉप रैंकिंग पाने के लिए जयपुर नगर निगम ने महापौर अशोक लाहोटी के नेतृत्व चलाया स्वच्छता अभियान अब कमजोर पड़ सा गया है। शहर में अब न तो दुकानों के बाहर कचरा पात्र दिखाई देते है। ना ही नगर निगम की ओर से शहर की मुख्य सड़कों पर लाखों रुपए लागत से लगाए गए हैंगिंग कूडेदान। वहीं, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण करने वाले वाहन भी कम ही नजर आ रहे हैं। ऐसे में दीवाली पर्व के समय शहर की सड़कों और गलियों में कचरा फैला हुआ है। दुर्गंध मारने से लोगों को परेशानियों उठानी पड़ रही हैं।

 

महापौर निर्मल नाहटा के इस्तीफे के बाद महापौर बने अशोक लाहोटी ने जोर-शोर से शहर को स्वच्छ बनाने पर ध्यान दिया। कई कदम भी बढ़ाए। हर अधिकारी-कर्मचारी को स्वच्छता के लिए काम सौंपा गया। इसी का नतीजा निकला कि जयपुर शहर देश में 39वें रैंक पर आया। लेकिन इसके बाद न निगम प्रशासन के प्रशासनिक अधिकारियों ने और ना ही निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने ध्यान दिया। इसका भी नतीजा सबके सामने हैं।

निगम ने शहर में विभिन्न स्थानों पर लाखों रुपए लागत से सूखा और गीले कचरे के लिए हैंगिंग कूड़ेदान लगाए थे। वर्तमान स्थिति में ये कूड़ेदान ही कूड़ा बन गए है। कहीं टूट गए तो कहीं से गायब हो गए है। बनीपार्क चिंकारा कैंटीन से लेकर जयपुर रेलवे स्टेशन तक करीब 10 हैंगिंग कूड़ेदान लगे हुए हैं। इनमें से सिर्फ 2 ही सही स्थिति में है।

इस व्यवस्था को लेकर अब लोगों में तकनीकी पहलूओं पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। लोगों का कहना है कि निगम प्रशासन ने सिर्फ पैसा कर इतिश्री कर ली। उन्हें कूड़ेदान खराब और गायब होने की कोई चिंता नहीं है। इनकी फीटिंग भी सही नहीं है। ये कूड़ेदान अब लोगों के बीच निगम का मजाक बन गए है।

 

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