नागौरी पान मैथी उत्पादन में नई तकनीक का सहारा

विदेशों में चमक फैला रही नागौरी पान मैथी
नागौर में बड़े स्तर पर की जा रही है खेती
किसान ले रहे नई तकनीक का सहारा
ओलावृष्टि से हुआ था किसानों को नुकसान

By: Rakhi Hajela

Published: 06 Jan 2020, 03:06 PM IST

Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

नागौरी पान मैथी के नाम से प्रसिद्ध कसूरी मैथी देश ही नहीं विदेशों में भी अपनी खुशबू के लिए पहचानी जाती है। मसाले के रूप में उपयोग होने वाली पान मैथी की नागौर, मूण्डवा और खींवसर तहसील क्षेत्र में बड़े स्तर पर खेती की जाती है। समय के साथ मैथी की खेती में भी किसानों ने तकनीकी का सहारा लेना शुरू कर दिया है, ताकि कम खर्च में अधिक आमदनी ली जा सके। पहले जहां मैथी की खेती क्यारियां बनाकर की जाती थीं और मजदूरों से पत्तियां तुड़वाई जाती थी, वहीं अब मैथी की पत्तियां तोडऩे के लिए मशीनें आने से काम आसान हो गया है। मशीन से कटाई होने के चलते किसानों ने क्यारियां बनाना भी बंद कर दिया है, ताकि कटाई आसानी से हो सके। इसका फायदा यह हुआ कि खेत में एक इंच भी जगह खाली नहीं रहती और उत्पादन भी अधिक होता है।
रोजड़ों से बचाने के लिए खड़े किए बिजूके
रात के समय मैथी की फसल को पशु व रोजड़े नुकसान नहीं पहुंचाए, इसके लिए किसानों ने अपने खेतों में बिजूका खड़े कर दिए हैं। खेत में खडे बिजूका एक बार तो मनुष्य को भी डरा सकते हैं।

मैथी के भावों में आया उछाल
गत 12 दिसंबर को नागौर जिले में हुई ओलावृष्टि से खासा खराबा हुआ था। इस दौरान 2 हजार हैक्टेयर से उत्पादित पान.मैथी की दूसरी लुणाई के बाद सूखने के लिए रखी गई मैथी में पानी भरने से 100 फीसदी मैथी खराब हो गई। किसानों को सबसे ज्यादा लाखों रुपए का नुकसान इसी में हुआ था। जिले के नागौर मूंडवा तहसील के गांवों में ओलावृष्टि के साथ हुई तेज बारिश से मेहनत पर पानी फिर गया। खजवाना, ढाढ़रिया कला, देशवाल, इंदोकली, छिलरा, रूण सहित दर्जनभर गांवों में सुखाई गई पान मैथी ओले व बारिश के भेंट चढ़ गई थी। इसके चलते उत्पादन भी काफी प्रभावित हुआ। इसके चलते इन दिनों बाजार में मैथी के भाव एक बार फिर बढ़ गए हैं। व्यापारियों ने बताया कि अच्छी मैथी के भाव 100 रुपए प्रति किलो से अधिक हैं।
नागौरी पान मैथी के फायदे
इसका उपयोग करने से किसी भी सब्जी का स्वाद बढ़ जाता है। इसका उपयोग विभिन्न सब्जी के मसालों के साथ आयुर्वेदिक दवा बनाने में होता है। पान मेथी नागौर को पूरे देश में पहचान दिला रही है। इस मेथी की देश के कई राज्यों में डिमांड है। दरअसल मानसून के दौरान की जाने वाली बुआई से ज्यादा मुनाफा नहीं मिलने पर किसानों ने मेथी की खेती को चुना। रबी सीजन में पान मेथी की बुवाई से 20 से 22 हजार रुपए तक प्रति बीघा पैदावार ले रहे हैं। यह पैकिंग कर विदेश भी भेजी जाती है।

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