Roop Chaudas 2020 खूबसूरती के लिए अनूठा उबटन, आशीर्वाद के रूप में सौंदर्य प्रदान करते हैं सभी नौ ग्रह

ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि रूप चौदस पर उबटन लगाने और स्नान करने का विशेष महत्व बताया गया है। सुंदरता के लिए नवग्रहों में मुख्य रूप से शुक्र और बुध ग्रह को कारक माना जाता है लेकिन सभी नौ ग्रह किसी ने किसी रूप में अलग—अलग प्रकार को सौंदर्य प्रदान करते हैं।

By: deepak deewan

Published: 13 Nov 2020, 09:28 PM IST

जयपुर. कार्तिक माह की कृष्णपक्ष की चतुर्दशी तिथि का बहुत महत्व है। इसे नरक चतुर्दशी कहा जाता है और रूप चतुर्दशी के नाम से भी जाना जाता है। नरक चतुर्दशी पर जहां यम देव की पूजा की जाती है वहीं रूप चौदस सौंदर्य प्राप्ति का पर्व है। इस दिन अभ्यंग स्नान किया जाता है। मान्यता है कि इस दिन उबटन लगाने से सौंदर्य की प्राप्ति होती है।

ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि रूप चौदस पर उबटन लगाने और स्नान करने का विशेष महत्व बताया गया है। सुंदरता के लिए नवग्रहों में मुख्य रूप से शुक्र और बुध ग्रह को कारक माना जाता है लेकिन सभी नौ ग्रह किसी ने किसी रूप में अलग—अलग प्रकार को सौंदर्य प्रदान करते हैं।

खूबसूरत और दिलकश बनने के लिए इन सभी ग्रहों का आशीर्वाद जरूरी है। इसके लिए एक विशेष प्रकार का उबटन तैयार किया जाता है जिसके अलग—अलग तत्वों में अलग—अलग ग्रहों की कृपा प्राप्त होती है। इस उबटन में को लाल चंदन पाउडर, दही, दूर्वा, हल्दी पाउडर, सफेद चंदन पाउडर, तिल के दाने और तिल का तेल मिलाकर तैयार किया जाता है।

ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर के अनुसार उबटन में मिला लाल चंदन पाउडर सूर्य और मंगल का प्रतिनिधित्व करता है। इसी प्रकार दही चंद्रमा का, दूर्वा बुध की, हल्दी पाउडर बृहस्पति का, सफेद चंदन पाउडर शुक्र का, तिल शनि का और तिल का तेल राहु-केतु का प्रतिनिधित्व करता है। यह उबटन लगाने से सभी नौ ग्रहों का शुभ प्रभाव मिलने लगता है।

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