पदोन्नति के विरोध में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग

पदोन्नति के विरोध में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग

By: Rakhi Hajela

Published: 12 Jul 2021, 01:26 AM IST



जयपुर, 11 जुलाई
अनुसूचित,जनजाति और अल्पसंख्यक महासंघ के नेतृत्व में विभिन्न जिलों से आए प्राचार्यों ने राज्यपाल कलराज मिश्र, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने ज्ञापन दिया। महासंघ प्रदेशाध्यक्ष राजपाल मीणा ने बताया कि विभागीय डीपीसी कमेटियां रोस्टर नियमों को तोड़ मरोड़कर पदों की गलत गणना कर रही है । महासंघ की मांग है कि सभी विभागों में अनुजाति जनजाति के 16 फीसदी व 12 फीसदी पदों की गणना 1997 से करने की मांग की। महासंघ के प्रदेश महासचिव राजेन्द्र बंसल ने अनुसूचित जाति, जनजाति को मिले संवैधानिक पदोन्नति अधिकारों से वंचित करने का आरोप लगाया। जो कि अनारक्षितों को अनुचित लाभ देने का षड्यंत्र है। आरक्षितों की वरिष्ठता को छोड़कर निचले क्रम पर अयोग्य अनारक्षितों का चयन कर प्रमोशन दिया जा रहा है। महासंघ उपाध्यक्ष सुख लाल टाटू ने बताया कि शिक्षा विभाग के हर पदों पर की गई डीपीसी में बड़ा घोटाला है। सभी पदों पर पुन: रिव्यू डीपीसी की जाए।

Rakhi Hajela Desk
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