नौतपा में तपेगी धरती, आंधी—बारिश के भी बन रहे योग

ज्येष्ठ शुक्ल द्वीतीया पर रविवार मध्यरात्रि बाद 2 बजकर 33 मिनट पर सूर्यदेव रोहिणी नक्षत्र (Sun Enters in Rohini Nakshatra) में प्रवेश करेंगे। इसके साथ ही नौतपा (Nautapa) शुरू हो जाएगा। ऐसे में ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया यानी 25 मई से 2 जून तक नौतपा रहेगा, लेकिन इस बार नौतपा में शुरू के 6 दिन तेज गर्मी पडने के ही योग बन रहे हैं, जबकि आखिरी के तीन दिन आंधी—बारिश के योग बन रहे है। ऐसे में इसबार रोहिणी के गलने के संभावना जताई जा रही है, अगर नौतपा में आंधी—बारिश आई तो मानसून को प्रभावित करेगी।

By: Girraj Sharma

Updated: 23 May 2020, 06:50 PM IST

नौतपा में तपेगी धरती, आंधी—बारिश के भी बन रहे योग
— नौतपा के रोहिणी गलने का संयोग, मानसून को करेगा प्रभावित

जयपुर। ज्येष्ठ शुक्ल द्वीतीया पर रविवार मध्यरात्रि बाद 2 बजकर 33 मिनट पर सूर्यदेव रोहिणी नक्षत्र (Sun Enters in Rohini Nakshatra) में प्रवेश करेंगे। इसके साथ ही नौतपा (Nautapa) शुरू हो जाएगा। ऐसे में ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया यानी 25 मई से 2 जून तक नौतपा रहेगा, लेकिन इस बार नौतपा में शुरू के 6 दिन तेज गर्मी पडने के ही योग बन रहे हैं, जबकि आखिरी के तीन दिन आंधी—बारिश के योग बन रहे है। ऐसे में इसबार रोहिणी के गलने के संभावना जताई जा रही है, अगर नौतपा में आंधी—बारिश आई तो मानसून को प्रभावित करेगी।

इनदिनों सूर्य कर्क रेखा के नजदीक है। ऐसे में कर्क रेखा के आसपास वाले राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों में सूर्य की सीधी किरणें पडती है। इसके कारण इन प्रदेशों में गर्मी का तेज प्रकोप रहता है। ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार इस समयकाल में ही सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, शुरू के नौ दिन रोहिणी के तपने के माने गए हैं। पंडित बंशीधर ज्योतिष पंचांग के ज्योतिषाचार्य दामोदर प्रसाद शर्मा ने बताया कि नौतपा में शुरू के दो दिन यानी 25 व 26 मई को चन्द्रमा मिथुन राशि में रहेंगे। 27 व 28 मई को चन्द्रमा कर्क राशि और 29 व 30 मई को चन्द्रमा सिंह राशि में रहेंगे। वहीं 31 मई और 1 व 2 जून को चन्द्रमा कन्या राशि में रहेगा। चन्द्रमा के मिथुन, कर्क व सिंह राशि में रहने के दौरान विशेष गर्मी के योग बन रहे हैं। वहीं मिथुन राशि में बुध व राहु के साथ चन्द्रमा का योग भी बनेगा, जो प्रचंड गर्मी कराएगा। 27 और 28 मई को चन्द्रमा कर्क राशि में रहेगा, इस दिन सामान्य बादल छाए रहेंगे, लेकिन चन्द्रमा पर शनि की दृष्टि आने से गर्मी बनी रहेगी। 29 व 30 मई को चन्द्रमा सिंह राशि में विचरण करेंगे, जिसपर मंगल की पूर्ण दृष्टि रहेगी, इस दिन भी गर्मी का तेज देखने को मिलेगा। जबकि 31 मई व एक व दो जून को चन्द्रमा कन्या राशि में रहेंगे, जिस पर शुक्र, सूर्य की दृष्टि आने से यहां आंधी, बादल के साथ तापमान में गिरावट की संभावना रहेगी। वहीं शुक्र का तारा एक जून को पश्चिम दिशा में अस्त हो रहा है, शुक्र का नौतपा में अस्त होना आंधी, बारिश के योग बनाएगा। ऐसे में नौतपा में रोहिणी क गलने की संभावना रहेगी।

नौतपा से शुरू होता है मानसून का गर्भकाल

सम्राट पंचांग के ज्योतिषाचार्य डॉ. रवि शर्मा ने बताया रोहिणी चन्द्रमा का नक्षत्र है, जो जल तत्व होता है। सूर्य का ताप और रोहिणी का जल तत्व मिलकर मानसून का भविष्य तय करते है। सूर्य के रोहिणी के प्रवेश से लेकर और सूर्य के आद्रा में प्रवेश तक यानी 21 जून तक का समय शास्त्रों के अनुसार वर्षा का गर्भकाल कहा जाता है। सूर्यदेव रोहिणी के साथ करीब 15 दिन रहते है, इसमें शुरू के 9 दिन चन्द्रमा जिन 9 नक्षत्रों में रहता है, उन्हें नौतपा कहते है।

नौतपा में तय होगा बारिश का भविष्य

गुुरुधाम पंचांग के ज्योतिषाचार्य नरोत्तम पुजारी ने बताया कि साल में एक बार ही सूर्य और रोहिणी का समागम होता है। ज्येष्ठ माह में सूर्य के वृषभ राशि के 10 अंश से 23 अंश 40 कला तक नौतपा कहलाता है। इस दौरान तेज गर्मी रहने पर बारिश के अच्छे योग और कम तपन पर बारिश में कमी दर्शाती है। नौतपा के बारे में कहते हैं कि ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष में आर्द्रा नक्षत्र से लेकर दस नक्षत्रों तक यदि बारिश हो तो वर्षा ऋतु में इन दसों नक्षत्रों में बारिश नहीं होती, यदि इन्हीं नक्षत्रों में तेज गर्मी पड़े तो बारिश अच्छी होती है।

Girraj Sharma Desk
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