Tripushkar Yog जेवर—जमीन और बहुमूल्य वस्तुओं की खरीदी के लिए श्रेष्ठ योग पर बरतनी चाहिए ये सावधानी

18 अक्तूबर 2020 को नवरात्रि का दूसरा दिन है जिसमें माता ब्रह्मचारिणी की पूजा—अर्चना की जाती है। इसके साथ ही आज त्रिपुष्कर योग भी बन रहा है जोकि मूल्यवान वस्तुओं की खरीदारी के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। हालांकि यह योग पूजा—पाठ—उपासना आदि के लिए भी बहुत उत्तम रहता है क्योंकि इस योग में किए गए हर काम का तिगुना फल प्राप्त होता है। and Tripushkar Dussehra Offer

By: deepak deewan

Published: 18 Oct 2020, 09:47 AM IST

जयपुर. 18 अक्तूबर 2020 को नवरात्रि का दूसरा दिन है जिसमें माता ब्रह्मचारिणी की पूजा—अर्चना की जाती है। इसके साथ ही आज त्रिपुष्कर योग भी बन रहा है जोकि मूल्यवान वस्तुओं की खरीदारी के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। हालांकि यह योग पूजा—पाठ—उपासना आदि के लिए भी बहुत उत्तम रहता है क्योंकि इस योग में किए गए हर काम का तिगुना फल प्राप्त होता है।

ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि माना जाता है कि त्रिपुष्कर में जो भी कार्य किए जाते हैं उनका फल तीन गुना हो जाता है. यही कारण है कि इस योग में बहुमूल्य वस्तुएं जैसे – सोना-चांदी के जेवर खरीदना, हीरे-जवाहरात लेना, टीवी, कम्प्यूटर, लेपटाप, महंगे मोबाइल, वाहन आदि खरीदना शुभ माना गया है. इस योग में जमीन-जायदाद खरीदना, गाय-भैंस आदि की खरीदी, नया व्यापार शुरू करना, उद्योग लगाना श्रेष्ठ फल प्रदान करता है.

ध्यान रखें कि इस योग में कोई अनिष्टकारी बात न हो क्योंकि उसका फल भी तिगुना हो जाता है। ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर के अनुसार इनकी शांति के लिए तिलों से बनी पीठी का दान दिए जाने का विधान है। इस योग में किसी बहुमूल्य वस्तु को खोना अशुभ होता है। इस दौरान कर्ज लेने से हर हाल में बचना चाहिए। कीमती वस्तुओं को बेचना भी नहीं चाहिए। इस योग में बड़े व्यापारिक सौदे करने चाहिए।

त्रिपुष्कर योग मुहूर्त
प्रारंभ होगा 18 अक्तूबर 2020 को सुबह 08:51 बजे
समाप्त होगा 18 अक्तूबर 2020 को शाम 17:28 बजे

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