सलाखों के पीछे सजा माता रानी का दरबार, इतने बंदियों ने रखे नवरा​त्रे

इस पैंतीस रुपए में व्रत करने वाले बंदियों को फल उपलब्ध कराए जाते हैं। जेल में स्थित केंटीन से बंदी कुछ रुपए जमा कराकर दूध भी ले सकते हैं। बंदियों के व्रत के लिए बाहर से कोई दान करना चाहता है तो नियमानुसार वह भी लिया जाता है और बंदी की तय डाइट के अनुसार उनको दिया जाता है।

By: JAYANT SHARMA

Published: 17 Oct 2020, 10:31 AM IST

जयपुर
नवरात्रि महापर्व आज से शुरु होने के साथ ही जयपुर जेल की सलाखों के पीछे भी माता रानी का दरबार सजा है। दरबार सजाने वाले बंदी ही हैं और इसकी नियमानुसार व्यवस्था जेल प्रशासन ने की है। इस बार भी कइ बंदियों ने नवरात्रि पर व्रत रखे हैं और जेल प्रशासन ने उनके व्रत के लिए बंदोबस्त भी किए हैं। बंदियों की पूजा अर्चना के लिए भी अलग से तैयारी की गई है। जयपुर सेंट्रल जेल के अफसरों ने बताया कि जेल परिसर में अंदर ही माता का मंदिर है।

उसमें माता की मूर्ति लगी है। इस मूर्ति को सजाने के लिए बंदियों ने कुछ फूल और कुछ कपड़ों की मांग की थी जो की उनको दी गई है। तीन सौ से भी ज्यादा बंदियों ने नवरात्रि में व्रत रखे हैं। एक बंदी की डाइट का खर्च करीब पैंतीस रुपए आता है। इस पैंतीस रुपए में व्रत करने वाले बंदियों को फल उपलब्ध कराए जाते हैं। जेल में स्थित केंटीन से बंदी कुछ रुपए जमा कराकर दूध भी ले सकते हैं। बंदियों के व्रत के लिए बाहर से कोई दान करना चाहता है तो नियमानुसार वह भी लिया जाता है और बंदी की तय डाइट के अनुसार उनको दिया जाता है।

जेल अफसरों ने बताया कि मंदिर जाकर पूजा करने और भजन करने की अनुमति एक साथ नहीं है। कोरोना नियमों का पालन करते हुए पूजा और भजन की अनुमति दी गई है। गौरतलब है कि अभी अधिकतर जेलों में मुलाकात बंद है। ऐसे में बंदियों के रिश्तेदारों को मिलने की अनुमति भी नहीं है। वीडियो कॉल और अन्य माध्यमों से संपर्क किया जा सकता है। जेल में बंद कोविड बंदियों के लिए अलग से इंतजाम किए गए हैं।

JAYANT SHARMA Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned