राजस्थान में नए सेशन से एनसीआरटी की किताबें, बस्तों का बोझ होगा कम

प्रदेश में अब स्कूलों में नए सेशन की शुरूआत अप्रेल से होने जा रही है,और अगले सेशन में राजस्थान में किताबों का स्वरूप बदलने जा रहा है।अब राजस्थान में एनसीईआरटी की किताबें पढाई जाएगी जिसे आरसीईआरटी का नाम दिया गया है।

जयपुर। प्रदेश में अब स्कूलों में नए सेशन की शुरूआत अप्रेल से होने जा रही है,और अगले सेशन में राजस्थान में किताबों का स्वरूप बदलने जा रहा है।अब राजस्थान में एनसीईआरटी की किताबें पढाई जाएगी जिसे आरसीईआरटी का नाम दिया गया है।

इसके लिए प्रदेश सरकार को परमिशन भी मिल चुकी है और उसकी फीस भी शिक्षा विभाग ने जमा करवा दी है, सिलेबस तैयार हो चुका है और आगामी एक सप्ताह में नई यी किताबें छपकर पाठय पुस्तक मण्डल में पहुंच जाएंगी, जिन्हें स्कूलों में भिजवा दिया जाएगा। इसके संकेत गुरूवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में जनसुनवाई के दौरान शिक्षा राज्य मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने दिए।

वहीं कक्षा एक से लेकर पांच तक का भी किताबों का पुनरीक्षण का काम पूरा हो चुका है। इसके साथ ही खास बात ये है कि इस बार एक से पांच तक के बच्चों के स्कूल बैग का वजन सरकार कम करने जा रही है, किताबों को इस तरह से तैयार किया जा रहा है कि एक से पांच तक की कक्षा के बैग का जो वजन 5 किलो 900 ग्राम था वो कम होकर अब अगले सत्र से 2 किलों 200 ग्राम रह जाएगा।

पिछली जनसुनवाई का रिकॉर्ड लाए साथ
वहीं जनसुनवाई के लिए प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे डोटासरा ने अपनी पिछली जनसुनवाई का रिकॉर्ड भी साथ लेकर आए। डोटासरा ने कहा कि उनकी पिछली जनसुनवाई में कुल 97 मामले आए थे जिनमें से 38 उनके विभाग के थे तो 15 मामलों को उसी समय निपटा दिया गया था बाकि जिन विभागों के मामले थे उन संबंधित महकमों को भेज दिया गया है। वहीं उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में हो रही जनसुनवाई में भले ही काम नहीं हो सकने वाला होगा तो भी उनकी और फरीयादी को जवाब जरूर भेजा जा रहा है।

firoz shaifi
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned