एनसीटीई के मान्यता रद्द करने से राजस्थान विवि की जांच कमेटी पर उठे सवाल

एनसीटीई के मान्यता रद्द करने से राजस्थान विवि की जांच कमेटी पर उठे सवाल

Jaya Gupta | Publish: Oct, 24 2018 08:19:31 PM (IST) Jaipur, Rajasthan, India

- पांच सरकारी बीएड कॉलेजों की एनसीटीई ने रद्द की मान्यता, दो कॉलेजों को राजस्थान विवि ने दी थी सम्बद्धता, मई में निरीक्षकों ने की थी जांच

 

जयपुर. प्रदेश के पांच सरकारी बीएड कॉलेजों की राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की ओर से मान्यता रद्द होने के बाद इन्हें सम्बद्धता देने वाले विश्वविद्यालयों पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। इन पांच में से चिमनपुरा स्थित बीबीडी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय और कालाडेरा स्थित सेठ आरएल सहरिया राजकीय महाविद्यालय को राजस्थान विश्वविद्यालय ने सम्बद्धता दी थी। विवि ने दोनों कॉलेजों की जांच के लिए मई में जांच निरीक्षक भेजे। निरीक्षकों ने रिपोर्ट दी, जिसमें उन्हें शिक्षण के लिहाज से ठीक माना गया। इसके बाद ही विवि ने उन्हें सम्बद्धता दी। जबकि दूसरी तरफ एनसीटीई ने इन कॉलेजों में शिक्षकों की कमी मानते हुए इनकी मान्यता रद्द कर दी है। ऐसे में विवि की कमेटी ही सवालों के घेरे में है।

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बीबीडी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चिमनपुरा

बीबीडी राजकीय बीएड महाविद्यालय में केवल एक ही व्याख्याता है। विभागाध्यक्ष भी नहीं है।
विवि ने इसे 15 विषयों के लिए सम्बद्धता दी थी। जबकि शिक्षकों की कमी के कारण पिछले सत्र में भी कोर्स पूरा नहीं हो पाया था। गौरतलब है कि बीबीडी राजकीय कॉलेज चिमनपुरा में सरकार ने वर्ष 2015-१६ में राजकीय शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय संचालित किया था, जिसमें 100 सीटें निर्धारित हैं। कॉलेज शुरू होने पर यहां 6 व्याख्याता लगाए थे, जिनमें से चार सेवानिवृत्त हो गए। जबकि एक का तबादला हो गया। तब से एक व्याख्याता ही है। जबकि एनसीटीई के नियमानुसार यहां एक प्रभारी और १६ व्याख्याता होने चाहिए थे। यहां विवि की कमेटी ने 3 मई को निरीक्षण किया था।

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सेठ आरएल सहरिया राजकीय महाविद्यालय, कालाडेरा

निरीक्षण में सात शिक्षक कम पाए जाने के बावजूद विवि ने इस राजकीय कॉलेज को सम्बद्धता दे दी थी। हालांकि विवि ने कॉलेज को सम्बद्धता सशर्त दी थी। दरअसल कॉलेज के बीएड पाठ्यक्रम में सौ छात्रों पर केवल 6 शिक्षक हैं। विवि की ओर से कराए गए निरीक्षण में सात शिक्षक कम मिले थे। निरीक्षकों ने शिक्षकों की कमी को अपनी रिपोर्ट में भी लिखा था, मगर राजकीय कॉलेज होने के कारण विवि ने उन्हें सशर्त सम्बद्धता दी। सम्बद्धता रिपोर्ट के अनुसार कॉलेज शिक्षकों की कमी को पूरा करके जून तक दस्तावेज विवि में सब्मिट करे। लेकिन महीनेभर बाद भी कॉलेज में सात शिक्षक नहीं लगाए गए। इस सत्र में भी कॉलेज से सात विषयों में बीएड के लिए छात्रों को प्रवेश दिए गए लेकिन नए शिक्षक नहीं लगाए गए।

 


पत्रिका ने पहले भी उठाया था मुद्दा

विवि की ओर से आंखें मूंद कर जांच किए जाने व बीएड कॉलेजों को सम्बद्धता देने का मुद्दा राजस्थान पत्रिका ने करीब साढ़े तीन महीने पहले ही उठा दिया था। 5 और ६ जुलाई के अंक में चिमनपुरा व कालाडेरा दोनों कॉलेजों की खामियां और इसके बाद सम्बद्धता दिए जाने को लेकर खबर प्रकाशित की थी।

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