नींदड़ किसान आंदोलन to be Continued...

जमीन समाधि सत्याग्रह स्थगित होने के बाद धरने पर बैठे हैं किसान

राजधानी जयपुर से सटे नींदड़ इलाके के किसानों का आंदोलन जारी है। किसान अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। जयपुर विकास प्राधिकरण प्रशासन और किसानों की वार्ता कल होगी। इस वार्ता पर किसान आंदोलन की भविष्य टिका है। यदि जेडीए प्रशासन और किसानों के बीच नींदड़ आवासीय योजना को लेकर सहमति बनती है तो किसान आंदोलन खत्म हो जाएगा। यदि वार्ता विफल रही तो किसान आंदोलन तेज हो सकता है।

अब भी डेरा डाले हैं किसान
राज्य सरकार के मुख्य सचेतक महेश जोशी के आश्वासन पर नींदड़ में किसानों का जमीन समाधि सत्याग्रह स्थगित हो गया था। लेकिन किसान अब भी सत्याग्रह स्थल पर डटे हुए हैं। किसान अपनी मांगों को लेकर यहां पर धरना दे रहे हैं। किसानों का कहना है कि मुख्य सचेतक महेश जोशी ने किसानों की बात सुनने का भरोसा दिलाया है। इसके बाद जमीन समाधि सत्याग्रह स्थगित कर दिया गया। लेकिन आंदोलन जारी है। किसान अब भी धरना दे रहे हैं। किसान अपनी मांगे नहीं माने जाने तक पीछे नहीं हटेंगे। जेडीए प्रशासन ने 13 जनवरी को वार्ता का न्यौता दिया है। सोमवार दोपहर 3 बजे जेडीए में किसान प्रतिनिधियों और जेडीए प्रशासन के बीच वार्ता होनी है। जिसमें समाधान निकलने की उम्मीद जताई गई है।

जेडीए कमेटी में है ये अधिकारी
नींदड़ आवासीय योजना किसानों से वार्ता के लिए कमेटी गठित की गई है। 13 जनवरी को किसान प्रतिनिधि मण्डल, काश्तकारों, खातेदारों और हितधारियों से वार्ता होनी है। जेडीए कमेटी में अतिरिक्त आयुक्त एलपीसी गिरीश पाराशर, अतिरिक्त आयुक्त पीआरएन अवधेश सिंह, मुख्य नियंत्रक प्रवर्तन रघुवीर सैनी, संयुक्त निदेशक विधि अनंत कुमावत, एसटीपी ओ.पी. पारीक, अतिरिक्त निदेशक (राजस्व) देवेन्द्र अरोड़ा, अधीक्षण अभियन्ता एवं जिला कलक्टर के प्रतिनिधि सदस्य होंगे। जेडीए उपायुक्त जोन-12 मनीष फौजदार को कमेटी का नोडल अधिकारी बनाया गया है।

ठंड में 3 दिन चला था जमीन समाधि सत्याग्रह
नींदड़ में जेडीए की कार्रवाई के विरोध में किसानों ने जमीन समाधि सत्याग्रह शुरू कर दिया था। ठंड के मौसम में किसानों ने खुद को मिट्टी में दबाकर सत्याग्रह शुरू किया। इस दौरान एक बुजुर्ग किसान बीमार हो गए। इसके बाद 5 महिला किसानों ने जमीन समाधि ले ली। शीतलहर से किसानों के बीमार होने की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने पहल की और मुख्य सचेतक महेश जोशी किसानों से मिलने पहुंचे। जोशी के आश्वासन पर किसानों ने 3 दिन से चल रहे जमीन समाधि सत्याग्रह को स्थगित कर दिया था। किसान पौष की ठंडी रात में 5 डिग्री सेल्सियस के तापमान में खुद को मिट्टी में दबाकर बैठे रहे थे।

Pawan kumar Desk
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