scriptnew abode of the elderly, the name of the township 'Retirement Home' | बुजुर्गों का अब नया ठिकाना, टाउनशिप का नाम 'रिटायरमेंट होम्स' | Patrika News

बुजुर्गों का अब नया ठिकाना, टाउनशिप का नाम 'रिटायरमेंट होम्स'

60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को रहने की होगी अनुमति

जयपुर

Published: April 02, 2022 07:32:40 pm

भवनेश गुप्ता
जयपुर। राज्य में अब वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से टाउनशिप बनेगी। इसे 'रिटायरमेंट होम्स' नाम दिया है। इसमें केवल 60 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों को ही रहने की अनुमति होगी और उनकी सुविधा के अनुरूप ही निर्माण होगा। इनके साथ केवल उन अनाथ बच्चों को रहने की अनुमति होगी, जिनके परिवारजन किसी प्राकृतिक आपदा या आतंकवादी हमले के कारण खत्म हो गए हों। खास यह है कि टाउनशिप वहीं विकसित हो सकेगी, जो किसी आवासीय स्कीम, मौजूदा अस्पताल से 500 मीटर दायर में होगी। नगरीय विकास विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। टाउनशिप पॉलिसी में ऐसी योजना के लिए मापदंड निर्धारित किए गए हैं। योजना के तहत ग्रुप हाउसिंग स्कीम लाने वाले बिल्डर को कई छूटें मिलेगी। संयुक्त राष्ट्र पॉपुलेशन फंड (यूएनएफपीए) की सिफारिश के आधार पर यह खाका तैयार किया गया।

अपार्टमेंट में ये रह सकेेंगे
-अपार्टमेंट खासकर उनके लिए उपयोगी होगा जिनके बच्चे बाहर रहते हैं और माता—पिता यहां अकेले। यह वृदृधाश्रम नहीं होगा।
-फ्लैट खरीद के लिए वही पात्र होगा जिसकी आयु 60 वर्ष से अधिक हो या फिर निर्धारित आयु के बाद वहां रहने आए।
-फ्लैट मालिक भी 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति—दम्पत्ति को ही किराए पर दे सकेगा।
-विवाहित पुत्र या पुत्री को उनके साथ रहने की अस्थाई तौर पर अनुमति होगी, इसके लिए डवलपर को गेस्ट हाउस सुविधा देनी होगी।
-आवंटी अनाथ, बेसहारा बच्चों को अपने साथ रख सकते हैं, जिन्होंने परिवार को खो दिया हो। किसी भी तरह की आपदा, आतंकवादी घटना, दंगों में खोने वाले परिवार के भी ऐसे बच्चे हो सकते हैं। इनकी बेहतर शिक्षा व सामाजिक जीवन के लिए इसकी अनुमति होगी।
बुजुर्गों का अब नया ठिकाना, टाउनशिप का नाम 'रिटायरमेंट होम्स'
बुजुर्गों का अब नया ठिकाना, टाउनशिप का नाम 'रिटायरमेंट होम्स'
डवलपर को यह सुविधा भी देनी होगी
-अपार्टमेंट, टाउनशिप के भीतर ही चौबीस घंटे इमरजेंसी चिकित्सा सुविधा होगी। साथ ही नजदीक के अस्तपाल से टाइअप करना अनिवार्य।
-भीतर ही फार्मेसी की सुविधा। चौबीस घंटे केयर टेकर।
-सामुदायिक रसोई, डाइनिंग हॉल, शॉपिंग सुविधा, मनोरंजन से जुड़ी सुविधा।
-वरिष्ठ नागरिकों की आवश्यकता के अनुरूप ही अपार्टमेंट, फ्लैट निर्माण।
तकनीकी मापदण्ड़
-ग्राउंड एरिया में अधिकत 40 प्रतिशत निर्माण किया जा सकेगा।
-एक चौपहिया वाहन के लिए 150 वर्ग मीटर जगह छोड़नी आवश्यक।
-पार्किंग का 10 प्रतिशत हिस्सा बाहरी लोगों (विजिटर्स) के लिए होगा।
-अपार्टमेंट में फ्लैट एक से दो कमरों के होंगे। 60 से 100 वर्गमीटर कारपरेट एरिया रहेगा।
बिल्डर को इनमें 100 फीसदी छूट
-बिल्डिंग प्लान एप्रूवल फीस
-बेटरमेंट लेवी
-कनवर्जन शुल्क
-भूखंड के पुनर्गठन व उपविभाजन शुल्क
-दो भूखंडों के पुनर्गठन की अनुमति होगी

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